चिट्ठी लीक के स्रोत पर ख़बर आधारहीन: कैबिनेट सचिवालय

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Image caption जनरल सिंह ने पत्र के लीक होने को 'देशद्रोह' का मामला बताया था.

भारत सरकार ने समाचार एजेंसी पीटीआई की उस ख़बर को आधारहीन बताया है जिसमें कहा गया था कि सेनाध्यक्ष वीके सिंह की प्रधानमंत्री को लिखी गोपनीय चिट्ठी को कैबिनेट सचिवालय में तैनात एक संयुक्त सचिव ने लीक किया था.

कैबिनेट सचिवालय ने एक बयान जारी कर कहा, “सरकार जनरल वीके सिंह के प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के कथित रूप से लीक होने के विषय में पीटीआई की रिपोर्ट का खंडन करती है. ये ख़बर बिल्कुल आधारहीन है.”

रविवार को पीटीआई ने खबर जारी की थी कि अति गोपनीय पत्र के लीक होने की इंटेलिजेंस ब्यूरो की जांच से पता चला है कि इसे कैबिनेट सचिवालय में काम करने वाले एक संयुक्त सचिव ने लीक किया था.

बारह मार्च को सेनाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को एक अति गोपनीय पत्र लिखा था जिसमें सेना के पास साज़ो-सामान की कमी का ज़िक्र था. ये पत्र 28 मार्च को मीडिया के ज़रिए सामने आया था.

इस पत्र को सार्वजनिक होने के बाद संसद के दोनों सदनों में ख़ूब हंगामा हुआ था.

इस सारे प्रकरण पर सेना मुख्यालय की ओर जारी बयान में सेनाध्यक्ष ने कहा था, “पत्र के लीक होने के देशद्रोह माना जाना चाहिए. मुझे बदनाम करने का रवैया रोका जाना चाहिए. लीक करने वाले की शिनाख़्त कर उससे सख़्ती से निपटा जाना चाहिए.”

ये पत्र मीडिया में तब सामने आया था जब जनरल सिंह ने एक अख़बार को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें सेना के लिए ट्रकों की ख़रीद के मामले में 14 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की गई थी.

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