अंबेडकर के कार्टून पर संसद में हंगामा

कार्टून
Image caption इस कार्टून वाले पाठ्य पुस्तकों को हटाने के आदेश दिए गए हैं

एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तक में प्रकाशित कार्टून को लेकर सोमवार को लोकसभा में हंगामा हुआ और कई सदस्यों ने समाज के एक हिस्से की भावनाओं को आहत करने वाले इस मामले पर तुंरत कार्रवाई की मांग की.

प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी दलों के अलावा कांग्रेस के सदस्यों की भी मांग थी कि इस मामले पर मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल से बयान देने की मांग की.

सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि जिन पाठ्य पुस्तकों में ये कार्टून प्रकाशित किया गया है, उन्हें आवश्यकता पड़ने पर हटा लिया जाएगा.

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हंगामे के समय कपिल सिब्बल सदन में नहीं थे. लेकिन बाद में उन्होंने आकर एक बयान दिया जिसमें बताया गया कि उन्होंने कार्टून वाली किताबों को हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं.

हंगामा और आश्वासन

संयुक्त अकाली दल की हरसिमरत कौर और समाजवादी पार्टी के शैलेंद्र कुमार ने ये मामला उठाया.

बाद में कांग्रेस के संजय निरुपम और लाल सिंह भी उनके साथ शामिल हो गए.

संजय निरुपम ने कहा कि जो लोग इस कार्टून के प्रकाशन के लिए जिम्मेवार हैं, उन्हें तुरंत माफी मांगनी चाहिए और दोषी लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए.

संसदीय कार्यमंत्री पवन बंसल ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने पहले ही कार्टून को हटाने के आदेश दे दिए हैं.

हंगामा जारी रहने के बाद सदन के नेता और वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि कार्टून वाले पुस्तकों को हटा लिया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि कपिल सिब्बल खुद ही इस मामले में सदन को स्थिति से अवगत करवाएँगे.

जाँच के आदेश

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Image caption कपिल सिब्बल ने पहले भी सदन में इस प्रकरण के लिए माफ़ी मांगी थी

बाद में कपिल सिब्बल ने आकर सदन को बताया कि उन्हें इस वर्ष अप्रैल में इस अपमानजनक कार्टून के बारे में शिकायत मिली थी और उन्होंने एनसीईआरटी से इस मामले में सफाई मांगी थी और इसके जवाब में अपने सलाहकार प्रोफेसर सुहास पलशिकर और प्रोफेसर योगेंद्र यादव से स्पष्टीकरण मांगा था.

इन दोनों सलाहकार ने विस्तार से इसका स्पष्टीकरण दिया था. कपिल सिब्बल का कहना है कि इस स्पष्टीकरण के बाद 26 अप्रैल को उन्होंने इस कार्टून को हटाने के आदेश दे दिए थे.

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उन्होंने अपने बयान में कहा कि उन्होंने एनसीआईआरटी से कहा है कि वे कक्षा नवमीं से लेकर ग्यारहवीं तक सभी पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा करे और ऐसे सभी कार्टूनों को हटा दे जो संवेदनशील हो सकते हैं.

कपिल सिब्बल ने कहा कि कार्टून वाले सभी पाठ्य पुस्तकों को बाजार में भेजे जाने से रोक दिया है और इस बीच एनसीईआरटी की पुस्तक समिति के दोनों सलाहकारों ने इस्तीफ़ा दे दिया है.

उन्होंने कहा, "सरकार ने फैसला किया है कि इस मामले की की जाए कि इस तरह की आपत्तिजनक सामग्री के प्रकाशन की अनुमति देने के पीछे एनसीईआरटी के किस अधिकारी की भूमिका है. और फिर उस पर समुचित कार्रवाई की जाए."

उन्होंने लोकसभा को आश्वासन दिया कि सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि भविष्य ऐसी गलती दोबारा न हो.

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