मार दो लेकिन ईमानदारी पर शक मत करो: चिदंबरम

  • 14 मई 2012
पी चिदंबरम इमेज कॉपीरइट economic times
Image caption यूपीए सरकार की ओर से भी चिदंबरम का बचाव किया जा चुका है

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को अपना पक्ष दोहराते हुए कहा कि एयरसेल-मेक्सिस समझौते से उनके परिवार का प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से कोई लेना-देना नहीं है.

उनका कहना था कि वे इस मामले में जांच के लिए तैयार हैं.

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान उन्होंने कहा, " मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूँ कि मेरा या मेरे परिवार के किसी भी सदस्य का एयरसेल या किसी और टेलीकॉम कंपनी में एक रुपया भी नहीं लगा है."

मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी ने चिदंबरम पर आरोप लगाया था कि चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए अपने बेटे कार्ती चिदंबरम को वित्तीय लाभ पहुंचाने के लिए एयरसेल समझौते को अनुमति देने मे देरी की थी.

चिदंबरम ने इस मामले में अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि कार्ती जिस कंपनी में काम करते है वो सिर्फ कंसल्टेंसी यानी सलाह मुहैया कराती है.

चिदंबरम का कहना था कि ऑस्ब्रिज के मालिक ऐड्वांटेज कंसल्टेंसी के मालिकों को जानते हैं.

उनका कहना था,''वर्ष 2005 से 2006 के बीच हुए वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिस समय ऐड्वांटेज ने एयरसेल की कंसल्टेंसी करने के लिए एक बिल दिया था.''

ईमानदारी पर सवाल न उठाए

इस मामले में अपने बेटे की भूमिका पर उन्होंने कहा, ''मेरे बेटे ने ऑस्ब्रिज कंपनी में एक लाख अस्सी हजार निवेश किए थे लेकिन बाद में उन्होंने इन शेयर को अपने पार्टनर और दोस्तों को बेच दिया था.''

राज्यसभा में एक वक्तव्य जारी करते हुए चिदंबरम ने कहा,''मेरा परिवार ये स्पष्टतौर पर कह चुका है कि वो कभी भी, किसी भी टेलीकॉम कंपनी के प्रत्यक्ष या परोक्षरुप से शेयरधारक नहीं रहे हैं.''

चिदंबरम ने कहा हमारा टेलीकॉम कंपनी से कोई लेना-देना नहीं है.ऐड्वैंटेज स्ट्रेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटिड स्पष्ट रुप से ये कह चुका है कि उसकी एयरसेल या ग्लोबल क्मयुनिकेशन में कोई हिस्सेदारी नहीं है.

अपने बचाव में एक भावुक अपील करते हुए चिदंबरम ने कहा, ''मेरी ईमानदारी पर सवाल न उठाएं. ये ज्यादा आसान होता अगर आप छुरा लेकर मेरे दिल में घोंप देते लेकिन मेरी ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाते.''

उनका कहना था कि अगर आप लोग ऐड्वैंटेज स्ट्रेजिक कंसल्टिंग और एयरसेल के जमा खाते देखना चाहते हैं तो मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है. मैं स्वंय इस बारे में वित्त मंत्री को सूचित कर दूंगा.

हालांकि अरुण जेटली ने चिदंबरम के इन स्पष्टीकरण को खारिज करते हुए कहा कि अभी भी कई सवाल है जिनके जवाब देने बाकी हैं.

इससे पहले पिछले हफ्ते विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे पर दोनों सदनों की कार्यवाही में बाधा डाली थी और चिदंबरम के इस्तीफे की मांग की थी.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार