माओवादियों के बंद के बीच तीन की मौत

  • 16 मई 2012
माओवादी
Image caption भारत बंद के दौरान कई जगहों पर माओवादी हावी दिखाई दिए. (फाइल)

आपरेशन ग्रीन हंट, एनसीटीसी और बस्तर में सेना की तैनाती के खिलाफ बुलाए गए एक दिन के भारत बंद के दौरान माओवादियों नें जमकर हिंसा फैलाई जिसमे एक ट्रक चालक और दो ग्रामीणों के मारे जाने की खबर है जबकि सुरक्षा बल के पांच जवान घायल हो गए हैं.

यह बंद सोमवार मध्यरात्रि से शुरू हुआ.

सुकमा से मिल रही ख़बरों के अनुसार छिंदगढ़ के पास स्थित पुलिस कैंप पर नक्सलियों नें तब हमला बोल दिया जब जवान पास की नदी में नहाने जा रहे थे.

माओवादियों नें पहले प्रेशर बम का विस्फोट किया और बाद में गोलीबारी शुरू कर दी. घायल जवानों को सुकमा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

बीबीसी की लगातार कोशिश के बाद भी सुकमा पुलिस अधीक्षक फोन पर उपलब्ध नहीं हो पाए. सुकमा कलेक्टर जिले से बाहर बताए गए.

गतिविधियां

हाल के दिनों में राज्य में माओवादी गतिविधियां फिर से तेज हो गई हैं.

Image caption माओवादियों के हमलों में पहले भी जवानों की मौत हुई है. (फाइल फोटो)

इससे पहले भी माओवादियों नें दोरनापाल के पास से भारतीय जनता पार्टी के एक नेता और एक व्यवसायी का अपहरण कर लिया था.

यात्रियों का कहना है कि दोरनापाल से चिन्तलनार तक की सड़क पर माओवादी वाहनों की तलाशी ले रहे हैं.

राजनांदगांव में माओवादियों नें सड़क पर अंधाधुन्द गोलीबारी की जिसमे एक ट्रक का चालक मारा गया जबकि इसी जिले में माओवादियों नें कई वाहनों को क्षतिग्रस्त भी किया है.

राज्य के बस्तर संभाग से मिल रही ख़बरों के अनुसार माओवादियों नें दंतेवाड़ा, पंखजोर और बीजापुर में कई स्थानों पर पेड़ काट कर डाल दिए हैं जिससे सड़क यातायात बुरी तरह बाधित हो गया है. दंतेवाड़ा की खनन नगरी बचेली में माओवादियों नें शहर में पर्चे चिपकाए हैं.

वहीं बीजापुर से जगदलपुर जाने वाली सडक पर माओवादियों नें दो ग्रामीणों की हत्या कर उनके शवों को सड़क पर डाल दिया है. इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद है.

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