बिहार निकाय चुनाव में 60 फीसदी मतदान

  • 17 मई 2012
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Image caption स्थानीय निकायों से जुड़े 2760 वार्डों के पार्षद चुनने के लिए वोट डाले गए

बिहार में नगर पालिका चुनाव से संबधित पहले दौर का मतदान गुरुवार, 17 मई को संपन्न हो गया. मतदान में साठ प्रतिशत से कुछ अधिक वोट पड़े. अंतिम चरण का मतदान 22 मई को होगा.

मतदान के दौरान कई बूथों पर तोड़फोड़ की कुछ हिंसक झड़पे भी हुईं लेकिन कोई बड़ी हिंसक घटना नहीं घटी.

पुलिस ने सात प्रत्याशियों समेत लगभग 800 कथित उपद्रवी तत्वों को हिरासत में लिया है. मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पटना में कुछ मतदान केन्द्रों पर मारपीट और तोड़फोड़ की ज्यादा घटनाएं हुई.

छिटपुट हिंसा भी

दर्जनों लोग मामूली रूप से जख्मी भी हुए और कहीं -कहीं वोटिंग मशीनों को भी तोड़ दिया गया. फिर भी, लोगों की आशंका से काफी कम हिंसा हुई.

राज्य निर्वाचन आयुक्त हेम चन्द्र सिरोही ने एक तरफ साठ प्रतिशत से अधिक मतदान होने पर प्रसन्नता जाहिर की है, लेकिन दूसरी तरफ उन्होंने कुछ प्रशासनिक अधिकारियों के रवैए पर नाराजगी भी जाहिर की है.

उन्होंने कहा, '' जिन स्थानों पर अधिक झगड़ा-झंझट हुआ या हिंसक संघर्ष जैसी स्थिति बन गई, वहाँ से जुड़े कुछ बड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुरक्षा संबंधी लापरवाही बरते जाने की सूचना भी मिली है. आयोग उन अधिकारियों के रवैये के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करेगा.''

परिणाम अगले हफ्ते

राज्य में कुल 115 नगर निकाय हैं. इनमें सात नगर निगम, 38 नगर परिषद और 70 नगर पंचायत शामिल हैं. इन स्थानीय निकायों से जुड़े 2760 वार्डों के पार्षद चुनने के लिए वोट डाले गए.

राज्य भर में 6410 मतदान केंद्र बनाए गए थे. कुल 12,191 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. परिणाम 19 और 23 मई को निकलेंगे.

दरअसल ये ऐसे स्थानीय चुनाव हैं, जो विधानसभा या लोकसभा चुनाव की तरह चर्चित, प्रचारित या व्यापक महत्व के नहीं माने जाते.

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