मायावती: सपा राज में दलितों पर निशाना

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Image caption मायावती ने कहा कि नई सरकार आते ही उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो गई है.

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य की समाजवादी पार्टी सरकार पर दलितों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है.

दिल्ली में हुई एक प्रेसवार्ता में मायावती ने आरोप लगाया कि जिन दलितों को उनकी सरकार ने मुफ्त जमीन दी थी, उस पर समाजवादी पार्टी के दबंगों ने कब्जा कर लिया है.

उन्होंने कहा, “राज्य में दलित कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है. दलित वर्ग का सबसे बुरा हाल है. इस सरकार में न्याय तो दूर इनके साथ हो रहे जुल्म की शिकायत तक नहीं लिखी जा रही.”

मायावती ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति को चिंताजनक बताया.

कानून-व्यवस्था

उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में अब दिन-दहाड़े हत्याएं हो रही हैं, महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं और हफ़्तावसूली शुरू हो गई.

मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कारोबारी भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, अपहरण की संख्याएं बढ़ी हैं और दलित वर्ग का सबसे बुरा हाल है.

मायावती ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार उनकी पार्टी की ओर बदले की भावना से काम कर रही है.

एक लंबा बयान पढ़ने के बाद मायावती ने कहा, “अगर ये सरकार जैसे-तैसे करके पांच साल तक चल भी जाती है, तो इन पांच सालों में उत्तर प्रदेश कई साल पीछे चला जाएगा.”

राष्ट्रपति चुनाव

मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव पर फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले.

उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र में सत्तारूढ़ यूपीए और विपक्षी गठबंधन एनडीए किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं करते, उनकी पार्टी इस पर अपना पक्ष नहीं रखेगी.

राष्ट्रपति पद के लिए अपनी पसंद पर मायावती ने कहा, “हमारी पार्टी ये देखेगी क्या वो उम्मीदवार हमारे आंदोलन के हिसाब से सही होगा या नहीं होगा.”

केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के भविष्य पर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मायावती ने कहा कि उनकी पार्टी यूपीए को सांप्रदायिक ताकतों को रोकने से मकसद से बाहर से समर्थन दे रही है. और सरकार के भविष्य के बारे में यूपीए के घटक दल ही जवाब दे सकते हैं.

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