शाहरुख को अमरीका में क्यों नहीं आया गुस्सा: बाल ठाकरे

  • 19 मई 2012
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Image caption वानखेड़े स्टेडियम में शाहरुख और सुरक्षाकर्मियों में विवाद हो गया था

शिवसेना सुप्रीम बाल ठाकरे ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में हुए विवाद के मामले पर शाहरुख खान की कड़ी आलोचना की है.

अपने मुखपत्र सामने में लिखे अपने संपादकीय में बाल ठाकरे ने इस मामले पर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के फैसले का समर्थन किया है.

सुरक्षाकर्मी और फिर मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों और शाहरुख खान के बीच हुई तकरार के बाद शाहरुख के वानखेड़े स्टेडियम में घुसने पर पाँच साल की पाबंदी लगाई गई है.

शाहरुख पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षाकर्मियों और एमसीए के अधिकारियों के साथ कथित तौर पर बदतमीजी और गाली-गलौज की.

हालाँकि शाहरुख का दावा है कि उनके बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, जिसके बाद वे गुस्से में आए.

फैसला

हालाँकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का कहना है कि इस बारे में अंतिम फैसला बोर्ड को करना है.

बाल ठाकरे ने सामना में लिखा है कि अमरीका में सुरक्षा अधिकारियों ने कई बार शाहरुख खान का अपमान किया, लेकिन वे चुप रहे.

उन्होंने आगे लिखा है, "अमरीका में शाहरुख खान ने अपना आपा नहीं खोया, लेकिन जब एक गरीब सुरक्षाकर्मी उन्हें नियमों का पालन करने को कहता है तो शाहरुख उन्हें जिंदा गाड़ने की बात करते हैं. ये कैसी भाषा है."

शाहरुख के वानखेडे स्टेडियम में प्रवेश पर लगाई गई पाँच साल की पाबंदी का समर्थन करते हुए बाल ठाकरे ने कहा है कि उन पर आजीवन पाबंदी लगा देनी चाहिए.

बाल ठाकरे ने दावा किया कि नई दिल्ली के दवाब में पाबंदी की अवधि घटाई गई है.

इंडियम प्रीमियर लीग में शाहरुख खान कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के मालिक हैं और मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच के बाद वानखेड़े स्टेडियम में ये कथित विवाद हुआ था.

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