राष्ट्रपति पद के लिए प्रणब नहीं हैं ममता की पसंद

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Image caption ममता ने गोपाल गांधी और मीरा कुमार का नाम लेकर इस चुनाव को और रोचक बना दिया है.

तृणमुल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद के लिए वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का समर्थन करने से मना कर दिया है.

एक निजी भारतीय टीवी चैनल से बातचीत करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ''प्रणब मुखर्जी 'सन ऑफ द वर्ल्ड' हो सकते हैं लेकिन अगर आप मेरी पंसद पूछें तो मैं राष्ट्रपति पद के लिए लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल गांधी और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का समर्थन करूंगी. ''

उन्होंने आगे कहा, ''मुझे नहीं पता कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा. लेकिन मैं मीरा कुमार को बहुत पसंद करती हूं क्योंकि वो बहुत मधुर बोलती हैं, गोपाल गांधी ने बहुत सारे अच्छे काम किए हैं और कलाम एक अच्छे राष्ट्रपति रह चुके हैं.''

ममता बनर्जी ने कहा कि ये कांग्रेस को फैसला करना है कि राष्ट्रपति पद के लिए उसका उम्मीदवार कौन होगा लेकिन उनकी निजी और उनकी पार्टी की पसंद प्रणब नहीं हैं.

लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कहा कि मौजूदा यूपीए सरकार के साथ उनके कोई मतभेद नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि यूपीए की चेयरपर्सन और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से उनके बहुत अच्छे संबंध हैं और वो चाहती हैं कि यूपीए अपना कार्यकाल पूरा करे.

प्रणब पर संशय

ममता बनर्जी के इस ताजा बयान के जवाब में केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अंबिका सोनी ने कहा कि कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी इस बारे में सभी सहयोगियों से बातचीत कर रही हैं और उसके बाद ही इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाएगी.

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इस मुद्दे पर एनडीए के घटक दलों से सही समय पर विचार विमर्श किया जाएगा और कोई फैसला लिया जाएगा.

लेकिन ममता के इस बयान पर चुटकी लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ने कहा कि ममता बनर्जी खुद क्यों नहीं राष्ट्रपति बन जाती हैं.

कांग्रेस ने अभी तक राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है लेकिन प्रणब मुखर्जी को लेकर संशय बना हुआ है.

चर्चा

जिन दो नामों की चर्चा हो रही है कि कांग्रेस उनका समर्थन कर सकती है उनमें प्रणब मुखर्जी और मौजूदा उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी शामिल हैं.

इस मुद्दे पर कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, एनसीपी और आरएलडी से शुरूआती बातचीत कर चुकी है और किसी भी सहयोगी दल से प्रणब मुखर्जी ने खुद बात नहीं की है जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.

प्रणब मुखर्जी भी कई बार कह चुके हैं कि वो अगला लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगे जिससे कई लोगों का मानना है कि इस तरह प्रणब ने राष्ट्रपति बनने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी है.

लेकिन आधिकारिक तौर पर कांग्रेस यही कह रही है कि वो राष्ट्रपति पद के लिए आम राय बनाने की कोशिश कर रही है और आधिकारिक तौर पर नाम घोषित करने की अभी उसे कोई जल्दी नहीं है.

कहा जा रहा है कि दस जून के बाद कांग्रेस पार्टी इसकी आधिकारिक घोषणा कर सकती है. तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा का समर्थन करने की घोषणा की है और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी संगमा का समर्थन किया है.

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