दिल्ली हाईकोर्ट: 26 मई को खून का नमूना दें एनडी तिवारी

  • 21 मई 2012
एनडी तिवारी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption रोहित शेखर ने अदालत में दावा किया है कि एनडी तिवारी उनके पिता हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी को पितृत्व से जुड़े विवाद के सिलसिले 26 मई को अदालत में हाजिर होकर डीएनए जांच के लिए अपने खून का नमूना देने को कहा है.

ये मामला रोहित शेखर नाम के एक युवक से जुड़ा है जो एनडी तिवारी को अपना पिता बताते हैं.

शेखर का कहना है कि नारायण दत्त तिवारी के उनकी मां उज्ज्वला शर्मा के साथ गहरे ताल्लुकात थे और उन्होंने उनकी मां से शादी करने का वादा किया था जिससे वो बाद में मुकर गए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट के सयुंक्त रजिस्ट्रार दीपक गर्ग ने कहा, “प्रतिवादी संख्या एक (यानी एनडी तिवारी) को 26 मई के दिन 12 बजे अपने दो फोटोग्राफ़ सहित अदालत के सामने पेश होने का आदेश दिया जाता है.”

हाई कोर्ट परिसर में स्थित डिस्पेंसरी के प्रमुख को तिवारी के खून का सैंपल लेने के लिए एक डॉक्टर को नियुक्त करने का आदेश दिया है.

सोलह मई को दिल्ली हाई कोर्ट की जज रेवा खेतरपाल ने रजिस्ट्रार को आदेश दिया था कि वे पितृत्व के दावे का फ़ैसला करने के लिए कांग्रेस नेता के डीएनए टेस्ट के लिए पुलिस से सहायता ले सकते हैं.

इससे पहले भी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट नारायण दत्त तिवारी डीएनए टेस्ट के लिए खून का सैंपल देने का आदेश चुके हैं.

नारायण दत्त तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहने के अलावा आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रह चुके हैं.

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