नूपुर और राजेश तलवार पर चलेगा हत्या का मुकदमा

  • 24 मई 2012
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Image caption नूपुर तलवार को गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया है.

राजेश तलवार और नूपुर तलवार पर अपनी बेटी आरूषि और नौकर हेमराज की हत्या और सबूतों को मिटाने के आरोपों में मुकदमा चलेगा.

गाजियाबाद की एक अदालत ने गुरुवार को ये फैसला सुनाया. दोहरे हत्याकांड के इस मामले में औपचारिक तौर पर आरोप शुक्रवार को तय होंगे.

राजेश तलवार पर अदालत को गुमराह करने के आरोप भी लगे हैं.

आरूषि की मां नूपुर को फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में रखा गया है जबकि पिता राजेश तलवार जमानत पर हैं.

14 वर्षीया आरूषि का शव मई 2008 में नोएडा में उनके बेडरूम में मिला था. इसके अगले दिन उनके नौकर हेमराज की लाश उनके घर की छत पर बरामद की गई.

सीबीआई की दलील

गुरुवार को सीबीआई और तलवार दंपति के वकीलों ने अदालत को अपनी दलीलें सौंपी.

सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 201, 203, 34 के तहत मुकदमा चलाने को कहा. इनमें हत्या, झूठी एफआईआर दर्ज कराने, सबूत नष्ट करने और अदालत व जांच को गुमराह करने के आरोप शामिल हैं.

इससे पहले मंगलवार को सीबीआई के वकील आरके सैनी ने घटनास्थल पर मौजूद सबूत, प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों और वारदात की ‘अंतिम पल’ वाली थ्योरी का हवाला देते हुए तलवार दंपति के खिलाफ आरोप तय करने की मांग की.

सीबीआई की ‘अंतिम पल’ थ्योरी के मुताबिक हत्या के वक्त घर में तलवार दंपति और मारी गईं 14 वर्षीय आरूषि और हेमराज के अलावा कोई और नहीं था

सीबीआई के वकील का कहना है, “वहां चार लोग मौजूद थे, दो मारे गए और दो जिंदा हैं. हत्या बंद घर में हुई. ऐसे में हत्या की जिम्मेदारी जीवित लोगों पर ही आती है.”

दूसरी तरफ तलवार के वकील ने अपने मुवक्किलों का बचाव करते हुए कहा कि सीबीआई ने तलवार दंपति पर जो आरोप लगाए हैं, उन्हें साबित करने के लिए कोई स्पष्ट सबूत नहीं है.

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