नितिन गडकरी फिर से भाजपा अध्यक्ष

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Image caption नितिन गडकरी फिर से पार्टी के अध्यक्ष होंगे

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने मौजूदा पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को दूसरी बार अध्यक्ष बनाने के लिए पार्टी के संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी है.

इससे पहले तक, पार्टी के संविधान में ऐसा कोई विधान नहीं था जो अपने अध्यक्ष को दूसरे कार्यकाल के लिए अनुमति देता हो.

मौजूदा विधान के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष को तीन वर्ष के लिए चुना जाता है. लेकिन पार्टी के संविधान में संशोधन का मतलब ये है कि गडकरी अगले तीन वर्ष तक अध्यक्ष पद पर काबिज रह सकते हैं.

इससे पहले, गुरुवार को मुंबई में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई जहां गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे हैं.

संजय जोशी के मुद्दे पर मोदी बैठक में नहीं आना चाहते थे. लेकिन संजय जोशी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी से इस्तीफे की खबर के बाद मोदी का आना भी तय माना जा रहा था.

पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बताया था कि उनकी मोदी से फोन पर बातचीत हुई थी और बातचीत के दौरान दोनों ने तय किया है कि पार्टी के हित में दोनों कंधे से कन्धा मिला कर चलेंगे.

पत्रकारों से बातचीत में गडकरी ने संजय जोशी के इस्तीफे की भी पुष्टि की है.

लेकिन पार्टी के सूत्रों से पता चला है कि मोदी संभवत बैठक में शुक्रवार को भाग लें, जो बैठक का आखिरी दिन होगा. कर्नाटक के भूतपूर्व मुख्यमंत्री येदूयुरप्पा निमंत्रित थे लेकिन वो बैठक में भाग नहीं ले रह हैं. पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा वो नहीं आएंगे.

मतभेद के कारण

नरेंद्र मोदी की नाराजगी का कारण खुद गडकरी हैं. मोदी नहीं चाहते कि गडकरी को दोबारा अध्यक्ष चुना जाए.

नरेंद्र मोदी ने पिछली बार दिल्ली में हुई राष्ट्रीय बैठक में इस लिए भाग नहीं लिया था क्योंकि गडकरी द्वारा उत्तर प्रदेश चुनाव अभियान में संजय जोशी को शामिल किया जाना उनको नागवार गुजरा था.

मोदी इस हद तक नाराज थे कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के चुनाव अभियान तक में हिस्सा नहीं लिया था.

ऐसी खबरें आ रही थी कि मोदी इस बार मुंबई इस लिए नहीं जा रहे हैं क्योंकि संजय जोशी भी वहाँ मौजूद रहेंगे. साथ ही उन्हें संदेह है कि उनके दिल्ली के 'दुश्मनों' ने जान बूझ कर विधान सभा चुनाव से पहले उनको तंग करने के लिए केशु भाई पटेल को सामने किया है.

इस बार की बैठक में कयास लगाए जा रहे हैं कि पार्टी के संविधान में संशोधन किया जा सकता है ताकि पार्टी अध्यक्ष गडकरी को अगले तीन सालों के लिए दूसरी बार पार्टी अध्यक्ष बनाया जा सके.

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