लोकपाल पर फैसला जनता को करना है-किरन बेदी

  • 26 मई 2012
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Image caption टीम अन्ना ने 25 जुलाई से फिर अनिश्चितकालीन अनशन पर जाने की घोषणा की है.

जनलोकपाल के लिए काम कर रही पूर्व पुलिस अधिकारी किरन बेदी ने बीबीसी हिंदी के पाठकों के साथ चैट के दौरान कहा है कि वो जनलोकपाल लाने की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी जनता की है और जनता को दबाव बनाना ही होगा.

बीबीसी हिंदी-फेसबुक चैट

फेसबुक पर बीबीसी हिंदी के श्रोताओं ने किरन बेदी से काफी कठिन सवाल भी पूछे.

एक पाठक अरमान अंसारी ने पूछा कि क्या जनलोकपाल लागू हो जाने से भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा जिसके जवाब में किरन बेदी ने कहा, ‘‘ सारा भ्रष्टाचार तो नहीं खत्म होगा लेकिन नेताओं पर नौकरशाहों पर दबाव तो बढ़ेगा. लगाम लगेगी जिसका फायदा तो होगा ही लोगों को.’’

सुरेश विश्वास साह का सवाल था कि क्या लोकपाल से सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमत घट नहीं जाएगी तो किरन बेदी का कहना था, ‘‘ मेरी समझ से कार्य क्षमता बढ़ जाएगी. अभी तो सरकारी कर्मचारी सेवा नहीं करते लेकिन मेवा की चिंता करते हैं. लोकपाल रहेगा तो वो घूस नहीं लेंगे और काम करेंगे इसलिए कार्यक्षमता बढ़ेगी.’’

संजय करीर ने पूछा कि क्या टीम अन्ना में ही पारदर्शिता की कमी है तो क्यों उन पर भरोसा किया जाए. किरन बेदी ने कहा कि ये हर आदमी की स्वतंत्र राय है कि वो टीम अन्ना पर भरोसा करे या न करे और वो किसी को बाध्य नहीं कर सकतीं भरोसे के लिए.

इसके अलावा कई और पाठकों, संदीप महतो, रिज़वान खान, राम पाल फारुक सिद्दीकी आदि ने सवाल पूछे जिसके जवाब दिए गए.

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