सूरज की तपिश और बिजली की कटौती की दोहरी मार

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Image caption उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है

हर दिन बढ़ती गर्मी से जूझ रहे लोगों की परेशानी बिजली की कटौती की वजह से और बढ़ गई है.

दिल्ली से दूर बसे गांव-देहातों की क्या बात करें, राजधानी से सटे गुड़गांव तक में बिजली रोजाना छह से आठ घंटे आंख-मिचौली खेल रही है.

गुडगांव स्थित डीएलएफ सिटी के रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव सुधीर कपूर कहते हैं, ''गुडगांव में बिजली-पानी की हालत बीते दो हफ्तों में और खराब हुई है. बिजली बोर्ड कुछ भी बोले, लेकिन यहां रोज कम से कम आठ घंटे बिजली नहीं मिल रही है. बिजली नहीं है तो पानी भी नहीं मिल रहा है.''

वे बताते हैं, ''यहां लोग बड़े परेशान हैं. सरकार भी इससे परेशानी से निजात दिलाने के लिए कुछ नहीं कर रही है. मुझे तो लगता है कि प्रशासन खुद लाचार है. बिजली तो पैदा कर लोगों लेकिन पानी तो पैदा नहीं कर सकते. ये सरकार की पूरी तरह से विफलता का मामला है. लोग अब क्या करेंगे, सड़कों पर उतरेंगे.''

दिल्ली में विद्युत वितरण करने वाली कपंनियों में से एक बीएसईए-राजधानी पॉवर लिमिटेड वरिष्ठ अधिकारी दीपक कुमार का कहना है कि दिल्ली में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है.

उन्होंने बीबीसी को बताया, ''दिल्ली में वर्ष 2001 में बिजली की मांग 2831 मेगावॉट थी जो 25 मई 2012 को बढ़कर 5032 मेगावॉट तक पहुंच गई है.''

बिजली की कटौती की वजह पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि कोयले की कमी के कारण बिजली का उत्पादन कई जगह बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

वे इस बात की भी जिक्र करते हैं कि दिल्ली में जहां पहले आम घरों में कूलर होते थे, वहां अब कूलरों की जगह एसी ने ले लिया है, यहां बिजली के दूसरे उपकरणों का भी जमकर इस्तेमाल होता है, इसलिए यहां बिजली की कटौती का कोई विकल्प नहीं है.

बिहार में हाहाकार

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Image caption गर्मी शांत करने के लिए लोग हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं

पटना स्थित बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि बिहार में भी लोग बिजली की कमी से परेशान हैं.

शहरी इलाकों में 7-12 घंटों तक की बिजली कटौती हो रही है जबकि ग्रामीण इलाकों में दिन-रात मिलाकर 5-8 घंटों तक ही बिजली मिल रही है.

फरक्का और कहलगाँव बिजली उत्पादन केंद्रों की तीन इकाइयों में रविवार को खराबी आ गई थी. इसलिए बिहार को केंद्रीय सेक्टर से मिलने वाली बिजली में 600 मेगावॉट की कमी कर दी गई.

नतीजा हुआ कि पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में भारी बिजली संकट पैदा हो गया है. बिहार में बिजली के मामले में लोगों को दोतरफा मार पड़ रही है.

पहली ये कि यहाँ बिजली वितरण की व्यवस्था जर्जर हो चुकी है. तार और ट्रांसफार्मर में खराबी की शिकायतों ने बिजली रहते हुए भी इसके संकट वाली स्थिति पैदा कर दी है.

केंद्रीय कोटे से बिहार को 1585 मेगावाट बिजली दिए जाने का प्रबंध तय पाया गया है, लेकिन राज्य सरकार का आरोप है कि 1100-1200 मेगावाट से ज्यादा बिजली उन्हें नहीं मिल पाती.

बिजली की किल्लत को लेकर गर्मी के दिनों में रास्तों में उतरकर सड़कों पर प्रदर्शन करने लगे हैं.

उत्तरप्रदेश में 47 डिग्री

उत्तरप्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है.

राज्य में इलाहाबाद सबसे गर्म जगह बनी हुई है जहां पारा 47 डिग्री तक चढ़ा है. आगरा में भी 46 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है.

श्रीनगर स्थित बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर का कहना है कि भारत प्रशासित कश्मीर में बिजली की भारी किल्लत है और हालात ये हैं कि राजनीतिक मुद्दा बन चुका है.

राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता लगभग 20 हजार मेगावॉट है लेकिन यहां फिलहाल 400 मेगावॉट से भी कम बिजली पैदा हो रही है.

1100 मेगावॉट का लक्ष्य पाने के लिए राज्य सरकार भारत के उत्तरी ग्रिड से महंगे दामों में बिजली खरीदती है.

राजस्थान में श्रीगंगानगर सबसे गरम शहर रहा है जहाँ चंद रोज पहले पारा 45.7 डिग्री पहुँच गया था. कोटा और जयपुर में भी तापमान 45.3 और 43.8 डिग्री रहा.

झारखंड में तापमान कई जगह 45 डिग्री तक पहुँच गया है. उत्तराखंड में भी पारा 41 डिग्री के स्तर को छू चुका है. 2004 के बाद से पहली बार मई में देहरादून में तापमान इतने उच्च स्तर तक पहुँचा है.

राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग निदेशक बी पी यादव ने बीबीसी को बताया, ''पिछले लगभग एक सप्ताह से देश के अनेक भागों में, खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी, मध्य भाग और पूर्वी भारत में भी तापमान काफी ज्यादा बना हुआ है. पूर्वी भारत में भी लू चल रही है. विदर्भ और मध्यप्रदेश का इलाका सबसे ज्यादा गर्म है जहां तापमान 46-47 डिग्री बना हुआ है.''

उन्होंने बताया, ''पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भी तापमान सामान्य से कहीं ज्यादा है. कई दिनों से, खासकर बीते दो दिनों से तेज हवाएं चल रही है जिसकी वजह से वातावरण में धूल काफी है. इस वजह से रात का तामपान भी सामान्य से ज्यादा हो गया है.''

वे कहते हैं, ''अभी राहत की कोई संभावना नहीं है क्योंकि बारिश या गरज-चमक के साथ बूंदाबादी होने के कोई आसार नहीं है. पश्चिमी विक्षोभ का भी कोई असर नहीं है. मॉनसून आने भी अभी काफी समय है, इसलिए गर्मी अभी जारी रहेगी. अगले चार-पांच दिन तक गर्मी का दौर लगभग पूरे भारत में बना रहेगा. संभावना तो ये भी है कि खासकर उत्तर-पश्चिमी मैदानी इलाकों में तापमान एक-दो डिग्री और बढ़ जाएगा. लू का प्रकोप और बढ़ सकता है.''

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