एनआरएचएम घोटाले में और गिरफ्तारी

सीबीआई
Image caption सीबीआई ने पहले भी इस मामले में कई गिरफ्तारियाँ की हैं

केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई ने बहुचर्चित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले में चार और बड़े सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है.

इनमें शामिल हैं- सहकारी निर्माण एजेंसी पैस्फेड के प्रबंध निदेशक वीके चौधरी और तीन इंजीनियर एमएन त्रिपाठी, एके श्रीवास्तव और विपुल कुमार गुप्ता.

पैस्फेड संस्था को सरकारी अस्पतालों के निर्माण और सुधार के लिए मिशन के बजट से सैकड़ों करोड रूपए दिए गए थे. आरोप है कि इस संस्था ने या तो ये काम किए ही नहीं या बहुत घटिया काम किया गया.

गिरफ्तार अधिकारियों को गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा.

गिरफ्तारी

इस घोटाले में अब तक लगभग 20 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं. इनमे पूर्व परिवार कल्याण मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा, बहुजन समाज पार्टी विधायक राम प्रसाद जायसवाल और पूर्व प्रमुख सचिव स्वास्थ्य प्रदीप शुक्ल शामिल हैं.

वर्तमान समाजवादी पार्टी सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन का आरोप है कि पूर्व मुख्यमंत्री मायावती एक लंबे समय तक परिवार कल्याण विभाग की मंत्री थीं और वे भी इस घोटाले में शामिल हैं.

लेकिन सीबीआई अधिकारियों ने अभी तक इस घोटाले के संबंध में मायावती से पूछताछ का संकेत नही दिया है.

इस बीच स्वास्थ्य मिशन पर भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट विधान सभा मे पेश की गई. इस ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यक्रम में भ्रष्टाचार और खराब वित्तीय प्रबंधन से कई सौ करोड रूपए का नुकसान हुआ.

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