'बेकार' है दिल्ली पुलिस की वेबसाइट

दिल्ला हाई कोर्ट
Image caption अदालत एक बच्चों के आवास स्थान 'अपना घर' के संबंध में याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की वेबसाइट को 'बेकार' और 'पिछड़ी हुई' कहते हुए उसकी वेबसाइट की आलोचना की है.

समाचार पत्र 'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी खबर के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि उसकी वेबसाइट किसी को उपयोगी जानकारी देने में नाकाम रही है. इनमें खास तौर पर वे लोग हैं जो गुमशुदा बच्चों की जानकारी इस पर लेना चाहते हैं.

जस्टिस रविंदर भट्ट और जस्टिस एसपी गर्ग की खंडपीठ ने कहा, ''दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पूरी तरह से बेकार है. यह पिछड़ी हुई है और किसी काम की नहीं हैं. इसका इस्तेमाल करने वालों को जरूरी जानकारी पाने में परेशानी होती है, खास तौर पर वे जो गुमशुदा बच्चों की जानकारी पाने के लिए उसकी सेवा 'जिपनेट' इस्तेमाल करते हैं.''

जस्टिस भट्ट ने कहा कि उन्होंने वेबसाइट को सर्फ करने का प्रयास किया है और उन्हें काफी निराशा हुई थी.

'जटिल'

उन्होंने कहा, ''वेबसाइट काफी जटिल है. आप एक लिंक पर क्लिक करें को अपने आप ही कई पृष्ठ खुल जाते हैं. आपको फिर इन सभी में से अपने पृष्ठ पर नजर रखनी पड़ती है. मेरा ख्याल है कि इस पर जरूरी जानकारी ढूंढने काफी मुश्किल है.''

अदालत एक बच्चों के आवास 'अपना घर' के संबंध में याचिका पर सुनवाई कर रही थी.

जब एक बच्चे के अभिभावकों को बिना तलाश किए उसे 'अपना घर' भेज दिया गया तो उसके पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. बाद में सामने आया कि इस स्थान पर लगभग 30 बच्चे बहुत ही खराब हालत में रह रहे थे.

इस वेबसाइट के बारे में जानकारी जाने के लिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को भी अदालत में बुलाया गया था.

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