फसीह महमूद मामले में वारंट जारी

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Image caption फसीह महमूद की तलाश करने के लिए सीबीआई ने इंटरपोल की मदद मांगी थी

सऊदी अरब से लापता हुए भारतीय नागरिक फसीह महमूद की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल ने अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी किया है.

उनके परिवार का कहना है कि वो सऊदी अरब से लापता हुए हैं जहां वो पांच साल से काम कर रहे थे.

फसीह महमूद की पत्नी निखत परवीन ने भारत सरकार के खिलाफ याचिका दायर की है.

उनका कहना है कि उनके पति फसीह महमूद को भारतीय गुप्तचर एजेंसियों ने घर से 13 मई को यह कह कर उठाया था कि वो कर्नाटक और दिल्ली में हुए धमाकों में संदिग्ध हैं.

उनकी याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय समेत कई राज्य सरकारों को नोटिस भी जारी किया था.

कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और दिल्ली सरकारों को भी नोटिस जारी किए गए थे. अदालत ने नोटिस जारी करते हुए फसीह महमूद को आज अदालत में पेश करने के निर्देश दिए थे.

'नहीं हैं हिरासत में'

उधर, दिल्ली में गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा है, ''वो भारत में किसी भी सुरक्षा एजेंसी की हिरासत में नहीं है और ऐसा कहने वाली सारी खबरें गलत और दुर्भाग्यपूर्ण हैं.''

समाचार एजेंसी पीटीआई ने कहा है कि फ्रांस के लिओन में इंटरपोल के मुख्यालय ने 'आंतकवाद और अन्य अपराधों के मामलों' में उनके खिलाफ रेड-कार्नर नोटिस जारी किया है

फसीह को कथित तौर पर कुछ सऊदी और भारतीय अधिकारियों ने 13 मई 2012 को सऊदी राज्य के अल जुबैल शहर से पकड़ा था और उसके बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है.

बिहार के दरभंगा जिले में 'बाढ़ समैला' गाँव के रहने वाले फ़सीह महमूद पिछले पाचं सालों से सऊदी अरब में इंजीनियर के रूप में काम कर रहे थे.

दिल्ली और कर्नाटक पुलिस के कहने पर फसीह महमूद की तलाश करने के लिए सीबीआई ने इंटरपोल की मदद मांगी थी.

दोनों राज्यों की पुलिस मानती है कि वो साल 2010 के बैंगलौर और दिल्ली में हुए धमाकों से जुड़े हैं.

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