मोहब्बत के रखवाले 'लव कमांडो'

लव कमांडो
Image caption राजवीर और माधुरी के लिए लव कमांडो रक्षक के तौर पर सामने आए.

भारतीय समाज में आ रहे बदलाव के बावजूद एक लड़के और लड़की के लिए अपनी मर्जी से शादी करना अब भी आसान नहीं है, भले ही वे एक दूसरे को चाहते हो, बालिग हो और अपने पैरों पर खड़े हों.

राजवीर और माधुरी की शादी उनके परिवारों को मंजूर नहीं थी क्योंकि दोनों अलग अलग जातियों से संबंध रखते हैं. लेकिन आज दोनों पति-पत्नि के तौर पर एक साथ रह रहे हैं और इसका श्रेय जाता है 'लव कमांडो' को जिन्होंने न सिर्फ उन्हें मिलाया बल्कि उन्हें सुरक्षा भी दी.

लगभग दस साल पहले कुछ उम्रदराज कारोबारियों और पत्रकारों ने लव कमांडो की शुरुआत की जिसका मकसद एक दूसरे से प्यार करने वाले लोगों को पारिवारिक और सामाजिक उत्पीड़न से बचाना है.

लव कमांडो के संस्थापकों में से एक संजोय सचदेव ने बताया कि लव कमांडो बुनियादी तौर पर एक हेल्पलाइन है और वे अपने साथियों के साथ मिलकर इसे चलाते हैं. भारतीय प्रेमियों को सुरक्षा चाहिए और ये उन्हें लव कमांडो से मिलती है.

'पैसे की जरूरत'

लेकिन परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर शादी करने वाले प्रेमी जोड़ों को बचाना और उन्हें सुरक्षा प्रदान खासा महंगा और मुश्किल काम है. दिल्ली में लव कमांडो का एक महीने का खर्च लगभग ढाई से तीन लाख रुपयों के बीच आता है.

संजोय कहते हैं, “हमें पैसे की जरूरत है. हम अब बिखर गए हैं. हमारे साथी छोड़ कर चले गए. मुझे नहीं पता कि हम कब तक इसे चला पाएंगे.”

संजोय और उनके साथी मानते हैं कि जाति आधारित भारतीय समाज में बदलाव का इकलौता रास्ता प्रेम विवाह है. उन्हें उम्मीद है कि इस तरह की शादियों से होने वाले बच्चे अधिक आजाद और अधिक समान होंगे.

लेकिन अगर राजवीर और माधुरी को मिसाल माना जाए तो बदलाव में अभी काफी समय लगेगा. पिछले साल उन्होंने अपने पुराने इलाके में रहने की सोची.

चार लोगों ने राजवीर को चाकू की नोंक पर रोक लिया. वे उन्हें एक सुनसान जगह पर ले गए. रणवीर को बांध कर खूब पीटा गया और उन्हें मरा हुआ समझ कर छोड़ गए.

ये इश्क नहीं आसां

शुरू में तो पुलिस ने कोई कदम उठाने से इनकार कर दिया. लव कमांडो की मदद से उन्होंने आखिरकार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

माधुरी का मानना है कि ये सब उन्हीं के परिवार ने कराया. वो बताती हैं कि कुछ लोगों ने छत से उनके बिस्तर पर ईंटें तक बरसाईं, वो तो अच्छा हुआ कि उस वक्त वे वहां नहीं थे.

यूनिसेफ का कहना है कि भारत की एक अरब से ज्यादा की आबादी में 40 प्रतिशत लोगों की उम्र 18 साल से कम है. यहां प्यार करना आसान नहीं है, लेकिन अब ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है जो हिम्मत करके वही करते हैं जो उनका दिल कहता है.

लव कमाडो के लिए प्यार एक युद्ध है और जब तक वे इस मिशन को जारी रख सकते हैं, रखेंगे.

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