पनेटा करेंगे अफगानिस्तान और चीन पर चर्चा

  • 5 जून 2012
पनेटा और मनमोहन सिंह इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption अमरीका ने पहले भी भारत को अपना भरोसेमंद साथी बताया है

दो दिनों की भारत यात्रा पर पहुँचे अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन से मुलाकात की है.

बुधवार को उनकी मुलाकात रक्षा मंत्री एके एंटनी से होने वाली है. ये मुलाकात प्रतिनिधि मंडल स्तर की मुलाकात होगी.

हालांकि अमरीका की ओर से इन मुलाकातों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है कि लेकिन भारतीय रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि बुधवार को होने वाली बातचीत में अफगानिस्तान और चीन से जुड़े मसलों पर बात होगी.

जानकारों का कहना है कि अमरीका को दक्षिण एशिया में एक भरोसेमंद सहयोगी की जरुरत है और इस इलाके में भारत के अलावा और कोई हो नहीं सकता.

ये महज संयोग नहीं है कि पनेटा की यात्रा से एक दिन पहले ही नेटो ने अफगानिस्तान से वापसी के लिए तीन मध्य एशियाई देशों से समझौते की घोषणा की है और बुधवार को चीन में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइज़ेशन (एससीओ) की बैठक हो रही है.़

चीन के प्रभुत्व से चिंतित

अमरीका पिछले कुछ समय से चीन के बढ़ती सैन्य शक्ति से चिंतित रहा है.

इस पर साउथ चाइना सी में हाल के दिनों में चीन की जो गतिविधियाँ रही हैं उसने अमरीका की चिंता को बढ़ाया है.

अमरीकी रक्षा मंत्री लियोन पनेटा दिसंबर में दक्षिण कोरिया, जापान और इंडोनेशिया का दौरा कर चुके हैं और इस समय वे सिंगापुर और वियतनाम का दौरा करके आ रहे हैं.

लियोन पनेटा ने साफ़ किया है कि अमरीका चाहता है कि इन छोटे देशों का प्रभुत्व भी बढ़े.

विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका चाहता है कि भारत इस दिशा में अमरीका के साथ काम करे.

अमरीका में भारत के राजदूत रह चुके नरेश चंद्रा का कहना है कि अमरीका चाहता है कि भारत के नौसेना से संबंध बढ़े और साथ में सिंगापुर, इंडोनेशिया और मलेशिया भी आए.

बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि एशिया प्रशांत और हिंद महासागर में स्थिरता भी ज़रुरी है क्योंकि ये एक बहुत ही अहम व्यापार मार्ग है और इससे इन देशों के अपने सैन्य खर्च में कमी आएगी क्योंकि तब ये सुरक्षा का अहम कार्य साझा रुप से करेंगे.

अफगानिस्तान का भविष्य

दूसरी ओर अमरीका चाहता है कि वर्ष 2014 में जब वह अफगानिस्तान से निकले तो भविष्य के लिए ठोस योजनाएँ छोड़कर जाए.

विश्लेषक कह रहे हैं कि अमरीका चाहता है कि भारत अफगानिस्तान में अपना रोल बढ़ाए और पनेटा की भारत यात्रा के दौरान इस विषय पर अहम चर्चा होगी.

फिलहाल तो दिख रहा है कि अमरीका और पाकिस्तान के रिश्ते पहले जैसे नहीं रहे इसलिए भी अमरीका को भारत की जरुरत है.

हालांकि नरेश चंद्रा का कहना है कि भारत वहाँ सैन्य भूमिका नहीं चाहता क्योंकि भारत ने अब तक अफगानिस्तान को स्कूल से लेकर ढाँचागत सुविधाएँ बढ़ाने में सहयोग किया है और विकास की कई परियोजनाओं में निवेश किया है.

नरेश चंद्रा का कहना है कि पनेटा अपनी इस यात्रा के दौरान भारत और अमरीका के बीच सैन्य सहयोग को भी बढ़ाने की दिशा में चर्चा करेंगे.

उनका कहना है कि पिछले वर्षो में भारत ने अमरीका से बहुत सी रक्षा सामग्री खरीदनी शुरु की है और आज भारत अपनी जरुरतों का लगभग आधा सामान अमरीका से खरीदता है.

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार