कृपया पॉकेटमारों से सावधान रहें

दिल्ली मेट्रो
Image caption दिल्ली मेट्रो में पॉकेटमारी की घटना अब सामान्य बात हो गई है

जब भी बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बात होती है तो दिल्ली मेट्रो का नाम गर्व से लिया जाता है. लेकिन मेट्रो में अब पॉकेटमारी ही नहीं, नशा खिलाकर लूटने के मामले भी सामने आने लगे हैं.

गत तीन मई, 2012 को सीआईएसएफ ने सादे कपड़ों में एक विशेष अभियान चला कर आठ महिला जेबकतरों को गिरफ्तार किया. इन सभी को विभिन्न मेट्रो स्टशनों से पकड़ा गया था.

बाद में अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान उस समय चलाया गया जब महिलाओं ने मेट्रो ट्रेन में हो रही लगातार चोरी की घटनाओं के बारे में शिकायतें दर्ज कराई.

लेकिन यह अपने आप में कोई इकलौती घटना नहीं थी.

सबसे ज्यादा पॉकेटमारी

बीबीसी ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की फाइलों में पाया कि पॉकेटमारी की घटनाएं तो आम तौर पर होती ही हैं, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें महिला गैंग काफी सक्रिय हैं.

इनका निशाना भी महिलाएं ही होती हैं.

15 अप्रैल को दो महिला पॉकेटमार, 13 अप्रैल को 6 महिला पॉकेटमार, 12 अप्रैल को फिर दो महिला पॉकेटमार और साल के शुरु में, 30 जनवरी 2012 को 6 महिला पॉकेटमारों को गिरफ्तार किया गया था.o

केवल मार्च के महीने में डीएमआरसी की ‘डेली डायरी” रिपोर्ट में 21 पॉकेटमारी की घटनाएं दर्ज हैं, इसका शिकार बने लोगों में सात महिलाएं थीं.

मेट्रो रेल में सबसे बड़ी चोरी डेढ़ लाख रुपए की थी. शिकार हुए दो विदेशी.

पर्स की चोरी

जो मामले दर्ज हैं उसके अनुसार पॉकेटमारी में सबसे अधिक पर्स को निशाना बनाया जाता है. दर्ज आकड़ों के अनुसार मेट्रो में उस महीने तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप भी चोरी हुए.

जानकारी के अनुसार अक्सर पॉकेटमारों के निशाने पर कीमती मोबाईल फोन होते हैं.

मेट्रो स्टशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरा लगाए गए हैं. जब भी पॉकेट मारने की घटना या फिर कोई अन्य अपराध दर्ज होता है, सबसे पहले इन्हीं कैमरों की मदद से पता लगाने की कोशिश की जाती है.

ऐसे में कैमरों की फुटेज को संभाल कर रखने के आदेश दिए जाते हैं. लेकिन कई बार देखने में आया है कि इससे कोई खास लाभ नहीं होता है और वो भी धोखा दे जाते हैं.

उदाहरण के लिए 28 मार्च 2012 को एक व्यक्ति ने शिकायत कि उसका कीमती सामानों से भरा ब्रीफकेस गायब है. सीसीटीवी फूटेज मंगवाए गए, लेकिन पता चला कि सारे ‘स्टोरेज माउड्यूल्स’ खराब हैं.

इसी तरह के और कई दिलचस्प वाकया भी मेट्रो की फाइलों में दर्ज है. एक 35 वर्षीय व्यक्ति स्टेशन पर बेहोश पाए गए. जब उन्हें होश में लाया गया तो उन्होंने बताया कि उनका बैग गायब है जिसमे 50 लाख रुपये थे.

लेकिन सीसीटीवी के फुटेज में पता चला कि उनके पास एक बैग था जो पूरी तरह खाली था.

संबंधित समाचार