कश्मीर: धमकी के बाद सात पंचों का इस्तीफा

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Image caption चुनाव से पहले चरमपंथी संगठनों ने घोषणा की थी कि चरमपंथी इस प्रक्रिया का विरोध नहीं करेंगे

भारत प्रशासित जम्मू और कश्मीर में संदिग्ध चरमपंथियों की तरफ से धमकी भरे पोस्टर जारी किए जाने के बाद कम से कम सात पंचों ने अपने इस्तीफे स्थानीय अखबारों में छपवाए. इस्तीफा देने वालो में तीन महिला पंच भी शामिल है.

पुलिस का कहना है कि ये पोस्टर चरमपंथी संगठन जैश-ए-मुहम्मदी की तरफ से छपवाएं गए थे. जैश-ए-मुहम्मदी पर कश्मीर और भारत के अन्य हिस्सों में चरमपंथी हमलों के आरोप हैं.

सरकार ने हाल ही में राज्य में पंचायतों को और शक्तियां दी जाने की घोषणा की है जिसके बाद पोस्टर जारी किए गए.

चुने हुए लोगों पर खूनी हमलों के बाद भी उनकी सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर राज्य के अधिकारी गंभीर नहीं है.

लगभग चालीस साल बाद राज्य में हुए ऐतिहासिक पंचायत चुनावों 39 हज़ार सरपंचों और पंचों को चुना गया था.

धमकी

अखबारों में इस्तीफे छापे जाने के कुछ ही घंटों बाद राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री अली मुहम्मद सागर ने पंचों को सशक्त किए जाने की सरकारी योजना पत्रकारों को बताई.

पंचों की सुरक्षा के मामले पर उन्होंने कहा, “हमे पता है पंचों की सुरक्षा से जुड़े मामले गंभीर है लेकिन, ऐसी ताकतें भी है जो नहीं चाहते है कि लोग सशक्त हो.”

पुलिस सूत्रों का कहना है कि धमकी भरे पोस्टर दिवारों पर चिपकाएं जाने के बाद पद से पीछे हटने वाले पंचों की संख्या करीब 35 हो सकती है.

चुनाव से पहले यूनाइटेड जिहाद काउंसिल और हिजबुल मुजाहिद्दीन सैय्यद सलाहुद्दीन ने घोषणा की थी कि चरमपंथी इस प्रक्रिया का विरोध नहीं करेंगे.

लेकिन बाद में धमकी भरे पोस्टर छापे गए है जिसमें पंचों और सरपंचों को इस्तीफा देने को कहा गया था, जिसे नही मानने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाने की धमकी दी गई.

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