विपक्ष ने मांगा इस्तीफा, चिदंबरम का इंकार

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Image caption पी चिदंबरम 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में भी विपक्षियों के निशाने पर रहे हैं

मद्रास हाई कोर्ट ने पी चिदबंरम के लोकसभा चुनाव को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज करने से इंकार कर दिया है.

शिवगंगा लोकसभा सीट के इस मामले में अब चिदंबरम को सुनवाई का सामना करना पड़ेगा.

मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा और राज्य की मुख्यमंत्री जे जयलतिला ने हमला तेज़ करते हुए चिदंबरम के इस्तीफ़े की मांग की है.

लेकिन गृहमंत्री पी चिदबंरम ने विपक्ष की मांग को खारिज कर दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री जयललिता और भाजपा अध्यक्ष द्वारा मांगे गए इस्तीफे को 'बहुत बड़ी नादानी' की संज्ञा दी है.

चिदबंरम ने कटाक्ष करते हुए कहा है कि जो लोग मेरा इस्तीफा मांग रहे हैं," मुझे उन लोगों की समझदारी पर आश्चर्य हो रहा है. उन्हें समझना चाहिए कि यह चुनाव संबधी याचिका है. इस लोकसभा के 111 लोगों के उपर चुनाव संबधी याचिका दायर है.

पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा था, ''सोनिया गांधी बार-बार कह चुकी है कि हम भ्रष्टाचारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेंगे. हम भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे तो कांग्रेस पार्टी और सोनिया जी चिदंबरम को क्यों बर्दाश्त कर रही है. हाई कोर्ट के फैसले के बावजूद उनके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है. अगर वो ऐसा नहीं कर रही है तो ये सिद्ध होता है कि वे चिदंबरम के गलत तरीके से जीतकर आए चुनाव का समर्थन कर रही है."

दूसरी तरफ तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने भी गृहमंत्री पी चिदंबरम से इस्तीफे की मांग की है. हाई कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री ने इसे 'लोकतंत्र पर धब्बा' की संज्ञा दी.

मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा,"चिदंबरम को या तो इस्तीफा दे देना चाहिए और अगर वे इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री को उन्हें कैबिनेट से बाहर निकाल देना चाहिए."

मामला

दरअसल ये मामला है वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव का जिसमें शिवगंगा लोकसभा सीट से अन्नाद्रमुक के नेता राजा कन्नप्पन 3,354 मतों से चुनाव हार गए थे.

कन्नप्पन ने एक याचिका दायर कर ये आरोप लगाया था कि चिदंबरम की इस चुनाव में हुई जीत को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने चुनाव में धांधली की और जीतने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल किया.

चिदंबरम ने इस याचिका को खारिज़ करने की भी अपील की थी.

चिदंबरम की अपील ख़ारिज़ होने के बाद गडकरी का कहना था, ''मैं प्रधानमंत्री से अपील करता हूं कि वे तुरंत चिदंबरम को मंत्रिमंडल से निकालें. कांग्रेस और विशेषकर सोनिया गांधी से कहूंगा कि वो क्यों कार्रवाई नहीं कर रही हैं. इन सवालों का जनता जवाब चाहती है.''

इस्तीफ़े की मांग

अदालत के इस फैसले के बाद गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग बढ़ सी गई है.

जनता पार्टी के नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी कहा,''प्रधानमंत्री को चिदंबरम से इस्तीफ़ा मांगना चाहिए और उनकी छुट्टी कर देनी चाहिए.''

हालांकि मद्रास हाई कोर्ट की मदुरई बेंच के जस्टिस वेकंटरमन ने चिदंबरम के ख़िलाफ़ लगे 29 आरोंपो में से दो को हटा दिया है.

जिन दो आरोपों को हटाया गया है उसमें चुनाव के दौरान कथित तौर पर बैंक अधिकारियों और बैंक की सुविधाओं का इस्तेमाल करना शामिल था.

कन्नप्पन ने अपनी याचिका में वोटों की गिनती दोबारा करवाने की भी अपील की थी.

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