आंध्र प्रदेश उपचुनाव में भ्रष्टाचार अहम मुद्दा

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Image caption विजयलक्ष्मी और शर्मीला की सभाओं में भारी भीड़ जुट रही है.

आंध्र प्रदेश में मंगलवार को विधानसभा की 18 और लोकसभा की एक सीट के लिए होने वाला उपचुनाव सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए जीवन और मृत्यु का संघर्ष बन गया है.

इस उपचुनाव में कांग्रेस का असली मुकाबला उस वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के साथ है जिसके संस्थापक और अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी भ्रष्टाचार और गंभीर आर्थिक अपराधों के आरोप में जेल में हैं.

जगनमोहन रेड्डी और उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी का तथाकथित भ्रष्टाचार ही चुनावी अभियान का असल मुद्दा बन गया है.

हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव को अभी दो वर्ष का समय बाकी है लेकिन आंध्र प्रदेश अभी से चुनावी बुखार की चपेट में है और इन उपचुनाव को मिनी इलेक्शन और सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है.

ये उपचुनाव राज्य के 12 जिलों में फैला हुआ है, इसलिए माना जा रहा है कि इससे राज्य के एक बड़े हिस्से में आम लोगों के चुनावी रुझान का पता चलेगा.

हालांकि एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में वाईएस राजशेखर रेड्डी के निधन को दो वर्ष से ज्यादा का समय गुजर चुका है लेकिन इस उपचुनाव में भी उन्हीं का व्यक्तित्व और नाम छाया हुआ है.

सोनिया पर निशाना

कांग्रेस समेत अन्य सभी राजनीतिक दलों का पूरा जोर इस बात पर है कि जगनमोहन रेड्डी ने अपने पिता के मुख्यमंत्री रहते सत्ता का दुरुपयोग किया और भ्रष्ट तरीकों से कई हजार करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की, वहीं वाईएसआर कांग्रेस रेड्डी की 'गरीबों के मसीहा' की छवि ताजा कर आम लोगों की सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है.

जगन की 27 जून को गिरफ्तारी के बाद से उनके चुनावी अभियान की जिम्मेदारी उनकी मां विजयलक्ष्मी और बहन शर्मीला के कंधों पर आ गई है. जगन का साक्षी मीडिया ग्रुप इस अभियान में एक अहम भूमिका निभा रहा है. इस ग्रुप में एक टीवी चैनल और एक तेलुगु अखबार शामिल है.

टीवी चैनल लगातार दुखद गीतों और वाईएसआर की अंत्येष्टि के दृश्य दिखाकर दिखा रहा है.

जगनमोहन की मां विजयलक्ष्मी भी, जो बहुत अच्छी वक्ता तो नहीं हैं, अपने भाषणों में कहती हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वाईएसआर की मौत के बाद उनके परिवार को निशाना बना रही हैं और जगन की गिरफ्तारी के पीछे भी उन्हीं का हाथ है क्योंकि वो जगन को अपने लिए राजनीतिक खतरा मानती हैं.

विजयलक्ष्मी कहती हैं, "मेरे पति राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देख रहे थे और उसके लिए काम भी कर रहे थे. लेकिन देखिए, सोनिया गांधी मेरे निर्दोष बेटे के साथ क्या कर रही हैं."

विजयलक्ष्मी का दूसरा मुद्दा है वो दुर्घटना जिसमें वाईएसआर की मौत हुई. हालांकि अब तक चार बार इस घटना की छानबीन हो चुकी है और सबने यही कहा है कि यह एक दुर्घटना थी लेकिन अब एक बार फिर विजयलक्ष्मी ये संदेह व्यक्त कर रही हैं कि यह हत्या थी जिस के पीछे बड़े लोगों का हाथ था.

सवालों से घिरे जगन

न तो जगन और न ही उनकी मां विपक्ष के इस सवाल का जवाब दे सके हैं कि उनकी संपत्ति में हाल के कुछ वर्षों में कैसे बेतहाशा वृद्धि हुई है?

Image caption इन उप चुनावों में जगनमोहन रेड्डी की लोकप्रियता की परीक्षा होगी.

वाईएसआर ने 2004 के चुनाव में चुनाव आयोग को जो हलफनामा दिया था उसमें उन्होंने अपने परिवार की कुल संपत्ति 55 लाख रुपये बताई थी. उसमें जगन के आठ लाख रुपये शामिल थे.

साल 2011 के लोकसभा उपचुनाव में जगन ने जो हलफनामा दाखिल किया उसमें उन्होंने अपनी और पत्नी भारती की कुल संपत्ति लगभग 450 करोड़ रुपये बताई. इसके अलावा उनकी कंपनियों की संख्या लगभग 50 तक पहुंच गई है जिनमें कुल पूंजी निवेश का अनुमान 50,000 करोड़ रुपये लगाया गया है.

सीबीआई की अबतक की छानबीन को लेकर जो खबरें सामने आई हैं उसके मुताबिक जगन की कंपनियों में पूंजी निवेश जिन दूसरी कंपनियों से आया है, उन्होंने दरअसल वाईएसआर सरकार से हजारों एकड़ भूमि और दूसरे फायदों के बदले यह राशि जगन को दी है.

जगन इन सारे मामलों में सीबीआई के सवालों और विपक्ष की आलोचनाओं का ठीक से जवाब नहीं दे सके हैं. लेकिन इस बात से उनका उत्साह और भी बढ़ गया है कि उपचुनाव के अभियान में विजयलक्ष्मी और शर्मीला की सभाओं में भारी भीड़ जुट रही है.

वैसे राजनीतिक विश्लेषक और टाइम्स आफ इंडिया के स्थानीय संपादक किंगशुक नाग का कहना है, "देखिए 2009 के चुनाव में चिरंजीवी की सभाओं में भी ऐसी ही बड़ी भीड़ जुटी थी लेकिन जो लोग सभाओं में आते हैं वो सब उन्हें वोट नहीं देते. चिरंजीवी को 18 प्रतिशत वोट मिले थे लेकिन सीटें बहुत कम यानी 18 ही हासिल हुईं. ऐसा ही वाईएसआर कांग्रेस के साथ हो सकता है."

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