अब जेल में भी कुछ पल अपनों के साथ

  • 8 जून 2012
पति-पत्नी इमेज कॉपीरइट nthony DevlinPA Wire
Image caption यह विचार खुद कैदियों ने दिया ख़ास तौर पर वे जो आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रहे हैं.

पंजाब की जेलों में बहुत लंबे समय से परिवार से दूर से बंद कैदियों को उनके जीवनसाथियों का साथ नसीब होगा.

पंजाब पुलिस के महानिदेशक जेल शशि कांत का कहना है कि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इस बात की इजाज़त दे दी है कि पंजाब की जेलों में कैदियों के जीवनसाथी उनके साथ अकेले में कुछ समय बिता सकें.

भारत की अधिकतर जेलें तो पहले से ही अपने क्षमता से ऊपर भरी रहती हैं पंजाब की जेलें इस मामले में अपवाद नहीं हैं. शशि कांत कहते हैं कि जेलें बहुत अधिक भरी हुई हैं साथ ही और जेलों के अंदर परिवारों को जाने देने के बहुत ही घातक परिणाम हो सकते हैं.

कांत ने कहा " कैदियों को उनके परिवारों से मिलने के लिए जेल के अहाते में ही जो विश्राम गृह जैसी जगहें होगी वहीं अवसर दिया जायेगा. ऐसा नहीं है कि वहां कोई आदमी लगातार जा पाएगा. उसकी सज़ा, उसके बर्ताव, समय और स्थान की उपलब्धता को देखते हुए ही जेलर कैदी को यह अवसर देंगें."

कांत के अनुसार यह अवसर पुरुष और महिला कैदियों दोनों को समान रूप से उपलब्ध होंगे.

लेकिन अगर महिला कैदी गर्भधारण कर लेतीं हैं तो उनके प्रसव और उसके बाद बच्चे के पालन पोषण को लेकर क्या व्यवस्था होगी यह पूछने पर कांत के कहा कि इन सब बातों पर राज्य का कानून विभाग विचार कर रहा है.

कांत के अनुसार वो यह तो नहीं बता सकते कि यह योजना कब आरंभ हो जाएगी लेकिन उनका कहना है कि इन बातों का हल निकलते ही इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट कपूरथला जेल में आरंभ किया जाएगा.

पुलिस अधिकारी का कहना है कि उनको यह विचार खुद कैदियों ने दिया ख़ास तौर पर उन कैदियों ने दिया है जो कि आजीवन कारावास की सज़ा भुगत रहे हैं.

खुली जेल

इसके पहले देश में कई जगहों पर खुली जेलों की अवधारणा को विकसित करने पर बल दिया गया था. खुली जेलें वो जगहें होती हैं जहाँ ऐसे कैदी रहते हैं जिनके अपराध बहुत गंभीर नहीं होते. इन जेलों में सुरक्षा अपने निम्नतम स्तर पर रहती हैं और कैदियों को अनुमति रहती है कि वो कुछ काम काज कर सके.

इनमे से कई जेलों में कैदियों को परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति भी होती है.

देश की कई जेलों में महिला कैदियों को अपने साथ पांच साल से कम आयु के अपने बच्चों को रखने की इजाज़त होती है. साथ ही गर्भवती महिला कैदियों के प्रसव का इंतजाम भी जेल प्रशासन ही करता है.

लेकिन इसके पहले शायद हे किसी कड़ी सुरक्षा वाले कारागार में किसी महिला कैदी को गर्भधारण करने की अनुमति दी गई हो.

संबंधित समाचार