संदिग्ध इंडियन मुजाहिदीन का जेल में कत्ल

  • 9 जून 2012
पुणे की येरवडा जेल इमेज कॉपीरइट pti
Image caption येरवडा जेल को बेहद सुरक्षा वाली जेल माना जाता है.

पुणे की कड़ी सुरक्षा वाली येरवडा केंद्रीय जेल में इंडियन मुजाहिदीन के एक संदिग्ध की कथित तौर पर कैदियों ने गला घोंट कर हत्या कर दी. मृतक कतील सिद्दिकी तीन चरमपंथी हमलों से जुड़े मामलों में अभियुक्त थे.

महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में जेल अधीक्षक एसवी खटवकर को निलंबित कर दिया और सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं.

मोहम्मद कतील सिद्दिकी बैंगलोर स्टेडियम विस्फोट, दिल्ली जामा मस्जिद गोलीबारी और पुणे के एक मंदिर में धमाका करने की नाकाम कोशिश से जुड़े मामलों में अभियुक्त थे.

कतील को जेल की कोठरी में मृत पाया गया. साल 2010 में पुणे के मशहूर श्रीमंत दगड़ुसेठ हलवाई गणपति मंदिर में हुए धमाके की कोशिश से जुड़े मामले महाराष्ट्र एटीएस की तरफ से दर्ज मामले में उन्हें एक अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा हुआ था.

साथी कैदी 'जिम्मेदार'

शुरुआती जांच में इस हत्या के लिए दो अन्य कैदियों शरद मोहाल और आलोक भालेराव को जिम्मेदार बताया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. बताया जाता है कि हत्या के पहले उनकी कतील से किसी बात पर बहसबाजी हुई थी.

मोहोल और भालेराव, दोनों ही मकोका के तहत आरोप झेल रहे हैं और इस साल फरवरी से जेल में बंद हैं.

कतील को पिछले साल दिल्ली से गिरफ्तार किया था. आरोप है कि 13 फरवरी 2010 को जिस दिन पुणे की जर्मन बैकरी पर हुए धमाके में 17 लोगों की जानें गईं, उसी दिन कतील ने पुणे के मंदिर में बम रखा था. लेकिन ये कोशिश नाकाम रही.

एटीएस ने मंदिर पर हमले की कोशिश से जुड़े मामले में अभी आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है.

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