प्रणब ने किया निवेश के लिए कदम उठाने का वादा

प्रणव मुखर्जी इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी एसएंडपी की चेतावनी के बाद आए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों ने सरकार को दबाव में ला दिया है.

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अप्रैल महीने में औद्योगिक विकास दर 0.1 प्रतिशत रहने पर निराशा जताई है और कहा है कि सरकार ऐसे कदम उठाएगी जिससे उद्योग जगत को सकारात्मक संदेश मिलें.

इससे पहले महीने यानी मार्च के हिसाब से देखें तो औद्योगिक विकास दर को सकारात्मक मान सकते हैं क्योंकि मार्च में ये ऋणात्मक थी और -3.5 प्रतिशत तक जा पहुँची थी.

लेकिन अगर पिछले वर्ष अप्रैल से तुलना करके देखें तो इसमें भारी गिरावट है क्योंकि तब औद्योगिक विकास की दर 5.3 प्रतिशत थी.

सरकार को निराशा

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, “मैं निराश हूं. उद्योग अभी तक पटरी पर नहीं लौटा है. निवेश के नजरिए से अब भी निराशानजक माहौल है जो कुछ समय से जारी है. हमें ऐसे कदम उठाने होंगे जिनसे सकारात्मक संकेत जाए. कुछ ऐसे कदम उठाए भी जा चुके हैं.”

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार इस बात से संतोष नहीं कर सकती है कि औद्योगिक उत्पादन अप्रैल में एक महीने पहले के मुकाबले नकारात्मक से सकारात्मक 0.1 प्रतिशत हो गया है.

उन्होंने पूंजीगत सामग्री क्षेत्र के प्रदर्शन को भी निराशाजनक बताया क्योंकि 22 बड़े औद्योगिक समूहों में से सिर्फ 12 ने सकारात्मक वृद्धि के संकेत दिए हैं.

पूंजीगत सामग्री क्षेत्र के विकास की दर पिछले वर्ष के 6.6 प्रतिशत से घटकर -16.3 प्रतिशत तक जा पहुंची है.

इस वर्ष अप्रैल में खनन क्षेत्र में विकास की दर -3.1 प्रतिशत रही जबकि पिछले वर्ष इसी समयावधि में ये दर 1.6 प्रतिशत थी.

खारिज की एसएंडपी की चेतावनी

ये आंकड़े ऐसे समय में आए हैं जब अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने भारत को रेटिंग घटाने की चेतावनी दी है.

एसएंडपी ने चेतावनी दी है कि यदि भारत आर्थिक सुधार नहीं करता और अपनी आर्थिक विकास दर बेहतर नहीं करता तो वह पूँजी निवेश से संबंधी इनवेस्टमेंट ग्रेड रेटिंग को गंवा सकता है.

वैसे वित्त मंत्री मुखर्जी ने एसएंडपी की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है और कहा है कि सरकार आर्थिक वृद्धि को बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है.

मुखर्जी के मुताबिक, "हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि अर्थव्यवस्था लक्ष्य के मुताबिक निर्धारित जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) विकास दर तक पहुंचे. इसमें समय लगेगा...इस साल से हमें उम्मीद है कि हम उस ओर बढ़ेंगे."

संबंधित समाचार