बयान के लिए शिवानंद को फटकारा शरद ने

  • 23 जून 2012
एनडीए के नेता इमेज कॉपीरइट BBC World Service

प्रणब मुखर्जी को लेकर बयानबाजी के लिए जनता दल यूनाइटेड के नेता शिवानंद तिवारी को पार्टी के प्रमुख शरद यादव ने फटकार लगाई है.

शरद यादव ने कहा है कि पार्टी के प्रवक्ताओं को बयान देने से पहले उनसे ये नीतीश कुमार से बात कर लेनी चाहिए.

शिवानंद तिवारी ने राष्ट्रपति पद के लिए पीए संगमा को समर्थन देने के फ़ैसले पर भारतीय जनता पार्टी से पुनर्विचार का अनुरोध करते हुए एनडीए सरकार की आर्थिक नीतियों का बचाव किया था.

उन्होंने यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का बचाव करते हुए यहाँ तक कह दिया था कि यदि भाजपा के उपाध्यक्ष रविशंकर प्रसाद भी वित्तमंत्री होते तो भी देश की आर्थिक स्थिति इससे बेहतर नहीं हो सकती थी.

जेडीयू की ओर से प्रणब मुखर्जी को समर्थन देने की घोषणा के बाद से एनडीए में दरार की चर्चा चल ही रही थी और इस बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी.

नरेंद्र मोदी पर नीतीश कुमार के बयान से बिहार में जेडीयू और भाजपा के बीच पहले ही तनाव था.

सफ़ाई

पार्टी के अध्यक्ष और एनडीए संजोयक शरद यादव को इसके बाद एनडीए की एकजुटता पर बयान देना पड़ गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, "यूपीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को जेडीयू की ओर से समर्थन देना एनडीए में दरार के संकेत नहीं हैं. एनडीए एकजुट है और आगे भी रहेगा."

उन्होंने कहा कि दो दिन पहले उन्होंने जो कहा था वही पार्टी का अधिकृत बयान है.

इस बयान में उन्होंने कहा था कि जेडीयू यदि प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर रही है इसका मतलब ये नहीं है कि कांग्रेस के प्रति उनका रुख नरम हो गया है.

उन्होंने कहा, "देश की जो अराजकता है उसके लिए हम कांग्रेस और यूपीए को ही जिम्मेदार मानते हैं."

ख़बरें है कि शिवानंद तिवारी के बयान के बाद भाजपा नाराज थी. उसका कहना था कि एक ओर तो एनडीए प्रणब मुखर्जी की आर्थिक नीतियों का विरोध करता रहा है दूसरी ओर जेडीयू नेता केंद्र की तारीफ़ कर रहे हैं.

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