आईआईटी प्रवेश परीक्षा के लिए नया फार्मूला

आईआईटी (फाइल)
Image caption आईआईटी प्रवेश परीक्षा को लेकर पिछले दिनों भारी विवाद मचा था.

केंद्रीय मानव संसधान मंत्रालय और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों ने आईआईटी में दाखिले के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए एक नए फार्मूले की घोषणा की है, जिसके तहत प्रवेश पाने के लिए दो इम्तीहान पास करने होंगे.

जबकि मुख्य परीक्षा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की देख-रेख में करवाई जाएगी, अग्रिम परीक्षा आईआईटी संचालित करेगी.

दूसरी परीक्षा, पहले इम्तीहान के लगभग महीने भर बाद संचालित होगी.

ये फैसला दिल्ली में बुधवार को आईआईटी काउंसिल की बैठक के बाद लिया गया. हालांकि मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल बैठक में शामिल नहीं थे.

कई जगहों पर ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि वो इस आरोप से बचना चाह रहे थे कि उन्होंने आईआईटी पर सरकार की पकड़ मजबूत करने की कोशिश की थी.

नया फार्मूला

प्रवेश परीक्षा के नए फार्मूले के तहत अगले साल से बोर्ड परीक्षाओं के शीर्ष 20 प्रतिशत छात्रों को आईआईटी प्रवेश परीक्षा के पहले चरण यानी कॉमन इंट्रेस प्रोग्राम (एकल दाख़िला प्रक्रिया) में शामिल होने की इजाजत होगी.

फिर एकल दाखिल प्रक्रिया में शामिल हुए परीक्षार्थियों में से ढेढ़ लाख छात्रों को योग्यता के आधार पर चुना जाएगा जो अग्रिम परीक्षा में शामिल हो पाएंगे.

आईआईटी कानपूर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन एम आनंदकृष्न्न ने कहा, "हमने सर्वसम्मति से शनिवार को सुझाए गए फैसले को लागू करने का फैसला किया है. एडवांस टेस्ट आईआईटी की देख-रेख में होंगे."

पहले आईआईटी कानपुर और आईआईटी दिल्ली ने इस फार्मूले को लागू करने से इंकार कर दिया था. उनका कहना था कि ये छात्र की योग्यता को मापने में सक्षम नहीं होगा.

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