आईएसआई पर गर्व, भारतीय आरोप गलत साबित हुए: पाक

  • 27 जून 2012
रहमान मलिक, पी चिदंबरम
Image caption रहमान मलिक ने भारत के गृह मंत्री के आरोपों पर आईएसआई का बचाव किया.

आंतरिक मामलों पर पाकिस्तानी प्रधानमत्री के सलाहकार रहमान मलिक ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का जोरदार बचाव करते हुए, भारत में पूर्व में हुए चरमपंथी हमलों के संबंध में आईएसआई का नाम लिए जाने को निराधार बताया है.

बुधवार को तिरुवनंतपुरम में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए भारतीय गृह मंत्री पी चिदंबरम ने कहा था कि मुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए हमलों के हमलावरों को पाकिस्तान सरकार या फिर सरकार के लिए काम करने वाली संस्थाओं का समर्थन प्राप्त था.

गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले चिदंबरम ने घोषणा की थी कि 2008 के मुंबई हमलों का एक कथित साजिशकर्ता अबू जंदल गिरफ्तार किया गया है.

26/11 में पाक सरकार या समर्थित संस्थाओं का हाथ: चिदंबरम

लगभग एक घंटे तक चले पत्रकार सम्मेलन में रहमान मलिक ने कहा कि भारत इससे पहले भी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई पर भारत में हमले कराने के आरोप लगा चुका है जो जांच के बाद गलत साबित हुए.

'भारत ने कभी माफी नहीं मांगी'

रहमान मलिक ने कहा, “भारत में हुए कई हमलों में आईएसआई का नाम उछाला गया. बाद में भारतीय एजेंसियों की ही जांच में पाया गया कि हमलों के पीछे अन्य ताकतें हैं. एक स्वामी ने ये माना कि कई वारदातों में हिंदू कट्टरपंथियों का हाथ है. इन आरोपों से पाकिस्तान का नाम खराब होता है पर गलत साबित होने के बाद भी ऐसे आरोप लगाने के लिए भारत ने कभी माफी नहीं मांगी.”

रहमान मलिक ने समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट जैसे कई मामले गिनाए जिसमें कथित तौर पर आईएसआई के शामिल होने की बात कही गई थी.

आईएसआई का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, "आईएसआई पर हमें गर्व है, ये पाकिस्तान में और बाहर बहुत से संवेदनशील मुद्दों पर जानकारी शेयर कर रहा है. हमें ये भी पता है कि आईएसआई के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है, लेकिन हम इस तरह के हमलों का जवाब देने में सझम हैं."

'भारत में हिंदू चरमपंथ बढ़ा'

मलिक ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही चरमपंथ का दंश झेल रहें हैं और ऐसे में एक दूसरे पर आरोप लगाने की बजाय साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. हालांकि उन्होने संतोष जताया कि हाल में ऐसे आरोप-प्रत्यारोपों में कमी आई है.

रहमान मलिक ने कहा, "भारत में हिदू चरमपंथ बढ़ रहा है जिसके बारे में मैं भारत के गृह मंत्री से बात कर चुका हूं. भारत को इसे रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए. हम पाकिस्तान में तालिबान को नहीं रोक पा रहे और अब हम इसका असर झेल रहे हैं."

रहमान मलिक ने कहा कि पाकिस्तान चरमपंथ के खिलाफ भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है.

सईद जबीउद्दीन उर्फ अबू जंदल के मामले पर रहमान मलिक ने कहा कि उन्होंने इस बारे में भारत से और जानकारी मांगी है.

उन्होंने कहा, “इस व्यक्ति के कई नाम सामने आए है और हमारे पास इसके बारे में बहुत कम जानकारी है. हम भारतीय एजेंसियों से अनुरोध करते हैं कि वो उसके बारे में विस्तृत जानकारी, बयान और जांच रिपोर्ट सौंपे, ताकि जरूरत पढ़ने पर हम उसे सजा दे सकें.”

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