प्रणब और संगमा ने नामांकन भरा

  • 28 जून 2012
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Image caption प्रणब मुखर्जी को राजग के कुछ घटक दलों का भी समर्थन हासिल है

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है.

साथ ही भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के कुछ अन्य दलों के समर्थन से पीए संगमा ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया.

प्रणब मुखर्जी को यूपीए गठबंधन में शामिल करीब-करीब सभी पार्टियों का समर्थन हासिल है. यूपीए में शामिल तृणमूल कांग्रेस ने अभी अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया है.

इसके अलावा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल जनता दल (यू) और शिवसेना भी प्रणब मुखर्जी की उम्मीदवारी को समर्थन दे रही हैं.

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और फॉरवर्ड ब्लॉक ने भी प्रणब मुखर्जी को समर्थन देने की घोषणा की है. लेकिन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और आरएसपी ने मतदान में हिस्सा न लेने का फैसला किया है.

नामांकन पत्र दाखिल करने के मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव, कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी, गृह मंत्री पी चिदंबरम, संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल, लोकजनशक्ति पार्टी के नेता राम विलास पासवान, राष्ट्रीय लोकदल के अजित सिंह, नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूख अब्दुल्लाह, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ई अहमद और द्रमुक नेता टीआर बालू भी मौजूद थे.

नामांकन

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Image caption भाजपा पीए संगमा का समर्थन कर रही है

प्रणब मुखर्जी ने चार सेट में नामांकन पत्र भरा है, जिन पर 480 सांसदों और विधायकों के हस्ताक्षर हैं. इन सांसदों और विधायकों ने उनके नाम का प्रस्ताव और समर्थन किया है. इनमें जनता दल (यू) के नेता शरद यादव भी हैं.

हालाँकि नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के मौके पर वे वहाँ मौजूद नहीं थे.

दूसरी ओर पीए संगमा के नामांकन के समय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली, वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी, विजय कुमार मल्होत्रा, अनंत कुमार, रविशंकर प्रसाद, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परीकर, जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी, अन्नाद्रमुक नेता थंबी दुरई मौजूद थे.

संगमा के नामांकन के समय छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के नेता अरविंद नेताम भी मौजूद थे. इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है.

राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए पीए संगमा ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया, क्योंकि पार्टी ये चाहती थी कि संगमा चुनाव न लड़ें. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी यूपीए की प्रमुख घटक दल है और प्रणब मुखर्जी का समर्थन कर रही है.

दो जुलाई को नामांकन पत्रों की जाँच होगी, जब चार जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. मतदान 19 जुलाई को होगा और मतगणना 22 जुलाई को.

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