मुठभेड़ को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग

  • 29 जून 2012
छत्तीसगढ़
Image caption सुरक्षाबलों के दावों पर इन तस्वीरों के साथ सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या इतनी कम उम्र के दिख रहे लोग वास्तव में नक्सली थे

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के बासागुडा में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सामजिक और राजनीतिक संगठनों नें सवाल खड़े कर दिए हैं.

मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दावा किया है कि उसने 17 नक्सलियों को मार दिया है जबकि केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के छह जवान भी इस घटना में घायल बताए जाते हैं.

इस दौरान पांच संदिग्ध नक्सलियों को गोली लगने की बात भी पुलिस कर रही है जिनमें एक 14 साल का लड़का इरपा छोटू और 40 साल की महिला इरपा चिनक्का भी शामिल हैं जिन्हें इलाज के लिए जगदलपुर भेजा गया है.

पुलिस का दावा है कि उसने घटना स्थल से 17 शवों को बरामद किया है.

शिनाख्त

हालांकि पुलिस अधिकारी इस बात की पुष्टि नहीं कर पा रहे हैं कि जिन लोगों के शव बरामद हुए हैं वे सभी नक्सली हैं. बीजापुर के पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल के अनुसार अभी तक सिर्फ पांच लोगों के शवों की शिनाख्त ही हो पाई है.

ये मुठभेड़ गुरूवार देर रात शुरू हुई थी जब पुलिस बल सुकमा और बीजापुर के इलाके से बासागुडा के घने जंगलों की तरफ अभियान चला रहा था. पुलिस का कहना है कि उसने बासागुडा के कोटागुडा पंचायत में पनाह लिए माओवादी छापामारों को चारों तरफ से घेर लिया था. इसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई.

अग्रवाल का कहना है कि इस इलाके से सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर हथियार और दूसरी सामग्री बरामद की है जिनका इस्तेमाल नक्सली किया करते थे.

मुठभेड़ में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के छह जवान घायल बताए जाते हैं जिन्हें घटना के बाद रायपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस दौरान घायल हुए दो संदिग्ध नक्सलियों को भी इलाज के लिए रायपुर भेजा गया है.

प्रशांत अग्रवाल कहते हैं कि जिनके शव बरामद हुए हैं, उनमें से कुछ तो माओवादी छापामार हैं और बाकी के सब माओवादी समर्थक.

बयान

उधर जगदलपुर के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे 14-वर्षीय इरपा छोटू का कहना है कि वो जंगल में जानवर चारा रहा था कि तभी वहां माओवादी आ धमके. उसका कहना था कि माओवादी उसे जबरन कोटागुडा में ज़मीन के सवाल पर चल रही बैठक में शामिल होने के लिए ले गए.

छोटू ने पत्रकारों को बताया कि बैठक चल ही रही थी कि सुरक्षा बल के जवान वहां पहुँच गए. इसके बाद मुठभेड़ हुई तो सभी माओवादी वहां से भाग निकले. छोटू के पैर में गोली लगी है. यही कहानी 40 वर्षीय इरपा चिनक्का ने भी बयान की है.

उधर राज्य के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है, जिसका नेतृत्व बस्तर से पार्टी के एकमात्र विधायक कवासी लखमा कर रहे हैं.

पार्टी के सूत्रों का कहना है कि समिति, मुठभेड़ के मामले की जांच कर प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल को अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर सौंपेगी.

दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच की मांग की है.

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