अखिलेश की मंत्रियों को हिदायत, घोषित करें संपत्ति

Image caption मुख्यमंत्री ने अपने सहयोगियों को संपत्ति की घोषणा करने को कहा है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार की स्वच्छ छवि बनाए रखने के लिए अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

कैबिनेट के सभी सहयोगियों को जारी एक पत्र में उन्होंने प्रति वर्ष सम्पत्ति की घोषणा करने के साथ ही पांच हजार रुपए से अधिक का उपहार नहीं लेने की अपील की है.

पत्र में यह भी कहा गया है कि मंत्रीगण बहुत हाई-प्रोफाइल कार्यक्रमों में भी न शामिल हों.

मुख्यमंत्री के मुताबिक सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ये दोनों काम बहुत जरूरी हैं.

मुख्यमंत्री के इस कदम पर टिप्पणी करते हुए पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “मुख्यमंत्री को ये हिदायतें लिखित में इसलिए देनी पड़ीं क्योंकि कुछेक को छोड़कर बाकी कोई उनकी इस सलाह पर काम नहीं कर रहा था.”

मुख्यमंत्री ने ये कदम ऐसे समय पर उठाया है जबकि सरकार को विपक्ष के कई तरह के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है. विपक्ष ये भी आरोप लगा रहा है कि सरकार ‘गुंडा तत्वों’ को संरक्षण दे रही है.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने संपत्ति की घोषणा 31 मार्च तक करने का आग्रह किया है. इस साल के लिए तारीख 31 जुलाई तय की गई है.

यही नहीं, पत्र में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को किसी भी जमीन के सौदे या दूसरे व्यापार में शामिल न होने की भी हिदायत दी है. इसमें कहा गया है कि यदि ऐसा करना जरूरी हो तो इसकी सूचना मुख्यमंत्री कार्यालय को दी जाए.

इसके अलावा, पत्र में मंत्रियों से कहा गया है कि वे बाहर जाने पर मँहगे होटलों की बजाय सरकारी गेस्ट हाउस में रुकें.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल सरकारी वेबसाइट पर मार्च महीने में ही अपनी संपत्ति की घोषणा कर चुके हैं. मुख्यमंत्री की हिदायत के मुताबिक यदि मंत्रियों को पांच हजार रुपये से ज्यादा का उपहार किसी कार्यक्रम में मिलता है तो उसे वो सरकारी खजाने में जमा करा दें.

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