असम के लिए प्रधानमंत्री ने किया 500 करोड़ का ऐलान

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Image caption राज्य में 27 जिलों के लगभग 2,000 गांव इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं

बाढ़ से प्रभावित असम के दौरे पर गए भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्य के लिए 500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है.

बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई दौरा करने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य में हुए नुक्सान पर राज्य की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार इस पर अंतिम फैसला लेगी.

राहत और बचाव कार्य की गति पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ में 77 लोग मारे गए हैं जबकि इससे 19 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये देने की घोषणा भी की.

उन्होंने कहा कि सेना, वायुसेना और एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक सेना ने 4,000 लोगों को बचाया है जबकि 4.84 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा, ''अभी तक राज्य सरकार ने 10 लाख टन खाद्य सामग्री पहुंचाई है जबकि जरूरत पड़ने पर केंद्र भी तुरंत अतिरिक्त खाद्य सामग्री पहुंचा सकता है.''

मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बाढ़ से प्रभावित असम का दौरा किया.

तीनों नेतीओं ने हेलिकॉप्टर से मजूली द्वीप, जोरहट, सिबसागर, लखमीपुर और धीमाजी जिलों का दौरा किया. यह सारे इलाके बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से हैं.

इससे पहले लगभग 11 बजे मनमोहन सिंह और सोनिया एक विशेष विमान से पहुंचे.

77 की मौत

बाढ़ और भूस्खलन से राज्य में 77 लोग मारे गए हैं जबकि पांच लोग लापता बताए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री ने भी इस बात की पुष्टि की है.

खबरों के मुताबिक राज्य में 27 जिलों के लगभग 2,000 गांव इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.

एक राज्य मंत्री के अनुसार साल 1998 से लेकर यह अब तक की सबसे घातक बाढ़ है.

मनमोहन सिंह ने रक्षा मंत्री एके एंटनी से राहत कार्य में सेना की हर संभव सहायता देने के लिए कहा है.

हजारों घर तबाह

इससे पहले असम के विपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा कि बाढ़ से हजारों घर तबाह हुए हैं और 4.8 लाख से अधिक लोगों ने सरकारी राहत शिविरों में शरण ली है.

खबरों के अनुसार कुछ इलाकों में पानी का स्तर कम हो रहा है लेकिन 27 में से 23 जिले अभी भी पानी में डूबे हुए हैं.

जबकि दक्षिण-पश्चिमी मानसून संतोषजनक नहीं रहा है असम में पिछले 15 दिनों से भारी बारिश हो रही है.

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