एयर इंडिया के पायलटों की हड़ताल खत्म

  • 3 जुलाई 2012
 पायलट
Image caption पायलटों की मांग है कि बर्खास्त पायलट बहाल हों, यूनियन को मान्यता मिले और एयर इंडिया-इंडियन एयरलाइंस के विलय से जुड़े मुद्दे सुलझाए जाएँ.

पिछले 58 दिनों से हड़ताल कर रहे एयर इंडिया के 434 पायलटों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी है.

पीटीआई के अनुसार पायलटों ने अदालत को अपनी वकील के जरिए आश्वासन दिया था कि वे 48 घंटों के भीतर डयूटी पर चले जाएंगे और जिन पायलटों को बर्खास्त किया गया है वे ड्यूटी पर आने के लिए अपनी इच्छा जाहिर करते हुए लिखित आवेदन देंगे.

सौ से ज्यादा पायलटों को सरकार नौकरी से बर्खास्त कर चुकी है.

एयर इंडिया के वकील ने अदालत में कहा कि इस हड़ताल के कारण रोजाना पाँच करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है और पायलटों ने कोर्ट के पिछले आदेशों की अवहेलना की है.

पायलट जब हड़ताल पर गए थे तब उनकी मांग थी कि प्रबंधन उनकी वरिष्ठता और प्रशिक्षण को पर्याप्त संरक्षण नहीं दे रहा है.

दरअसल, वर्ष 2007 में घरेलू एयरलाइन इंडियन एयरलाइन्स के साथ विलय के बाद से एयर इंडिया के पायलटों का दावा रहा है कि वे इंडियन एयरलाइन्स के पायलटों की तुलना में वरिष्ठ हैं. अब पायलटों की बर्खास्तगी का मामला भी इसमें जुड़ गया है.

'हमने आश्वासन दिया है'

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट की जज रेवा खेतरपाल ने कहा, "मेरी चिंता ये है कि ये मुद्दा जल्द से जल्द सुलझाया जाना चाहिए. किसी का नुकसान नहीं होना चाहिए - न पायलटों का, न एयरलाइंस का. पायलट गुंडे या आपराधिक तत्व नहीं हैं. आप इनसे बात करें और इनकी शिकायतों पर विचार करें."

पायलटों की वकील गीता लुथरा ने अदालत के बाहर पत्रकारों को बताया, ''हमसे आश्वासन मांगा गया था और वो हमने दे दिया है.''

उधर, एयर इंडिया प्रबंधन ने भी अदालत को आश्वासन दिया है कि वह बर्खास्त पायलटों की बहाली करने के साथ-साथ पायलटों की शिकायतों पर सहानुभूति के साथ विचार करेगा.

अब दोनो पक्षों, पायलटों और प्रबंधन, को पांच जुलाई को मामले में मध्यस्थ, मुख्य श्रम आयुक्त एनके प्रसाद के सामने पेश होने को कहा गया है.

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