आंध्र:पोल्ट्री फार्म पर हमला, 'सात लाख' मुर्गियाँ मरीं

  • 5 जुलाई 2012
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Image caption काफी समय से ग्रामीण पोल्ट्री फार्म का विरोध कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश में एक पोल्ट्री फार्म के कथित प्रदूषण और दुर्गंध से क्रोधित लोगों ने फार्म की बिजली काट दी जिसकी वजह से लगभग सात लाख मुर्गियों की मौत हो गई.

राज्य के विजयनगर जिले में इन ग्रामीणों का कहना है कि फार्म के कारण फैल रहे प्रदूषण और दुर्गंध से इलाके में बीमारियां हो रही हैं.

स्थानीय पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल मारूफ ने फोन पर बीबीसी को बताया, "स्थानीय लोग राधा सक्कू एग्रो बायो फार्म कंपनी के पोल्ट्री फार्म के विरुद्ध काफी समय से आवाज उठा रहे थे."

गांव वालों का आरोप है कि इस पोल्ट्री फार्म और उसकी फैक्ट्री में प्रयोग होने वाले रसायनों से इलाके में कई तरह के रोग फैल रहे हैं.

कंपनी का कहना है कि गांव वालों ने फार्म की बिजली की आपूर्ति काट दी जिससे उनकी सात लाख मुर्गियां मर गईं. कंपनी के मुताबिक गांव वालों ने उन्हें जेनरेटर भी नहीं चलाने दिया.

मुर्गियों के मरने से कंपनी को 21 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है.

उग्र विरोध

बुधवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब कर्लाम, अजलंगी और मेत्पल्ली गांव के लोग सड़कों पर निकल आए और उन्होंने रास्ते को बंद कर दिया.

जब पुलिस और दूसरे अधिकारी वहां पहुंचे तो विरोध जता रहे लोगों ने कहा कि वो फैक्ट्री और पोल्ट्री फार्म को बंद करने से कम किसी बात पर नहीं मानेंगे.

वे जानना चाहते थे कि स्थानीय पंचायत ने वहां इस इकाई की स्थापना की अनुमति क्यों दी और वहां कौन से रसायनों का इस्तेमाल हो रहा है.

बातचीत के बाद तय हुआ कि 22 जुलाई को एक आम सभा होगी जिसमें गांव वालों के सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे. अधिकारियों ने वादा किया कि वे दुर्गन्ध रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे.

लेकिन बैठक के बाद हालात अचानक उस समय बिगड़ गए जब लोगों की एक भीड़ जबरदस्ती फैक्ट्री के अंदर घुस गई और तोड़ फोड़ करने लगी.

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Image caption भारत में आंध्र प्रदेश अंडों और अन्य पोल्ट्री उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक है

उन्होंने बिजली की सप्लाई काट दी. कंपनी के मुताबिक जब पोल्ट्री फार्म के लोगों ने जेनरेटर चलाने की कोशिश की तो उन की पिटाई की गई जिसमें डिप्टी जनरल मेनेजर सीताराम राजू भी घायल हो गए.

इलाके में अत्यधिक गर्मी की वजह से मुर्गियों को एयर कंडीशन हॉल्स में रखा गया था. कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि बिजली आपूर्ति बंद होने और गर्मी से सात लाख मुर्गियों की मौत हो गई.

पत्रकार भी निशाने पर

हालांकि सरकारी अधिकारियों ने इतनी बड़ी संख्या में मुर्गियों के मरने की पुष्टि नहीं की है. स्थानीय तहसीलदार एम शंकर राव का कहना है कि अभी वो इस मामले का जायजा ले रहे हैं. लेकिन उन्होंने ये माना कि बड़ी संख्या में मुर्गियों की मौत हुई है.

जब इस घटना को कवर करने के लिए पत्रकार इलाके में पहुंचे तो गांव वालों ने उन पर भी हमला कर दिया और उनके कैमरे तोड़ डाले.

फिलहाल इलाके में काफी तनाव है और पुलिस ने अतिरिक्त बलों को तैनात किया है.

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले स्थानीय नेताओं को गिरफ्तार किया गया है. उन लोगों की पहचान भी हो रही है जिन्होंने पोल्ट्री फार्म की बिजली काट दी और वहां तोड़ फोड़ मचाई.

भारत में आंध्र प्रदेश अंडों और अन्य पोल्ट्री उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक है और वहां से देश के अन्य राज्यों और विदेशों को पोल्ट्री उत्पाद भेजे जाते हैं.

इस घटना से पोल्ट्री उद्योग में चिंता के लहर दौड़ गई है क्योंकि इस घटना के बाद दूसरे इलाके के लोग भी अपने यहां पोल्ट्री फार्मों से निकलने वाली दुर्गंध का विरोध कर सकते हैं.

पड़ोसी जिले श्रीकाकुलम में पिछले हफ्ते ही एक ट्रेन के नीचे आने से 350 भेड़ों की मौत हो गई थी और इससे छह परिवारों को 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ था.

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