कर्नाटक: गौड़ा का इस्तीफ़ा, शेट्टर होंगे नए मुख्यमंत्री

  • 8 जुलाई 2012
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Image caption पहले येदियुरप्पा ने ही सदानंद गौड़ा को मुख्यमंत्री बनवाया था

आखिरकार भारतीय जनता पार्टी आलाकमान को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के दबाव के आगे झुकना पड़ा है और मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा को इस्तीफ़ा देने के लिए कहना पड़ा है.

सदानंद गौड़ा ने औपचारिकता के तौर पर अपना इस्तीफ़ा पार्टी प्रमुख नितिन गडकरी को सौंप दिया है जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया है.

बीएस येदियुरप्पा ने आलाकमान पर नेतृत्व परिवर्तन के लिए दबाव बनाया था और अब नितिन गडकरी ने उनकी ही पसंद के अनुसार जगदीश शेट्टर को कमान सौंपेने की घोषणा की है.

वैसे नेतृत्व परिवर्तन की संवैधानिक औपचारिकताएँ पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा और भावी मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर जल्द ही राज्यपाल से मिलेंगे.

पार्टी आलाकमान ने नेतृत्व परिवर्तन के लिए राजनाथ सिंह और अरुण जेटली सोमवार को ही पर्यवेक्षक के रूप में कर्नाटक जाएँगे.

दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए गौड़ा ने कहा है कि पार्टी के हित में उन्होंने आलाकमान का आदेश मानते हुए पद छोड़ने का मन बनाया है.

उन्होंने कहा है कि वे नए मुख्यमंत्री शेट्टर को पूरा समर्थन देंगे.

येदियुरप्पा का दबाव

दिल्ली में सदानंद गौड़ा की पार्टी नेतृत्व से मुलाक़ात के बाद अध्यक्ष नितिन गडकरी ने ये घोषणा की.

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Image caption जगदीश शेट्टर मौजूदा कर्नाटक सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री हैं.

उन्होंने कहा कि पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए सदानंद गौड़ा ने अपने पद से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है.

माना जा रहा है कि सदानंद गौड़ा को पार्टी में कोई नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.

वैसे तो सदानंद गौड़ा को येदियुरप्पा की पसंद के रूप में ही मुख्यमंत्री बनाया गया था. लेकिन सदानंद गौड़ा और बीएस येदियुरप्पा के समीकरण पिछले 11 महीनों में इतने ख़राब हो गए कि अब उन्हें भी पद छोड़ना पड़ा है.

गौड़ा को पद से हटाने के लिए येदियुरप्पा जब पार्टी पर पर्याप्त दबाव न बना पाए तो उन्होंने अपने समर्थक आठ मंत्रियों से गत 29 जून को इस्तीफ़ा दिलवा दिया था.

कर्नाटक दक्षिण भारत का पहला राज्य है जहाँ भाजपा की सरकार बनी है लेकिन भाजपा का ये कार्यकाल राजनीतिक अस्थिरताओं से भरा रहा है.

इससे पहले भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद बीएस येदियुरप्पा को इस्तीफ़ा देना पड़ा था.

इस इस्तीफ़े के लिए केंद्रीय नेतृत्व को ख़ासी मशक्कत करनी पड़ी थी.

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