आंध्र के मंत्री ने कहा कामचोर अधिकारियों को गोली मारनी चाहिए

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Image caption आंध्र प्रदेश के मंत्री के बयान पर बवाल

आंध्र प्रदेश के एक मंत्री ने ये कह कर तूफ़ान खड़ा कर दिया है कि काम न करने वाले आईएएस अधिकारियों को सड़क पर गोली मार देना चाहिए.

और जब इस पर अधिकारियों के संगठन ने कड़ा विरोध प्रकट किया तो मंत्री ने न केवल अपना वक्तव्य दोहराया बल्कि आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ राजनेताओं को भी उन लोगों की सूची में जोड़ दिया जिन्हें काम न करने पर गोली मार देनी चाहिए.

ये मंत्री हैं टीजी वेंकटेश जो लघु सिंचाई का विभाग देखते हैं.

मंत्री ने न केवल अपना रुख सही बताया है बल्कि ये भी दावा किया है की ऐसी ही बात देश के पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु ने भी कही थी. उनका कहना है कि मंत्री और आईएएस अधिकारी ही सरकार चलाते हैं और अगर वो अपना काम नहीं करेंगे तो पूरी व्यवस्था ही ध्वस्त हो जाएगी.

जब मंत्री के पहले वक्तव्य के विरुद्ध अधिकारी विरोध प्रकट कर रहे थे, मंत्री ने कहा कि उन्हें ये बात कहने पर इसलिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि लघु सिंचाई के तालाबों की समय पर मरम्मत किसानों के लिए बहुत ज़रूरी होती है.

उन्होंने अपने बयान के पक्ष में कुछ ये तर्क दिया, "कुछ किसान मेरे पास आए और कहा कि अगर सरकार तालाबों की समय पर मरम्मत नहीं कर सकती तो उन्हें जहर दे दिया जाए. इस पर मैंने उनसे कहा कि उन्हें नहीं बल्कि काम न करने वाले अधिकारियों को मरना चाहिए."

मंत्री ने आम लोगों का आहवान किया कि वो कामचोर अधिकारियों की पिटाई करे और उन्हें गोली मार देन.

निंदा

इस पर नाराज़ आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव पारित कर के मंत्री के वक्तव्य की निंदा की और कहा कि जो बातें उन्होंने कही हैं उससे उनके पद का अपमान हुआ है.

प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि इस बयान से अधिकारियों के विरुद्ध हिंसा को बढ़ावा मिलेगा और उनकी सुरक्षा खतरे में पड जाएगी.

उन्होंने मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी से मांग की कि वो मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें. एसोसिएशन ने धमकी दी कि वो मंत्री के विरुद्ध अदालत का दरवाज़ा खटखटाएगी.

मंत्री का कहना है की यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है की काम न करने वाले अधिकारियों का समर्थन किया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि उनके विभाग में कामचोर अधिकारियों के कारण सारी परियोजनाएं ठप पड़ी है. अगर सरकार बजट का प्रावधान भी करती है तो कुछ अधिकारी इन कामों में बाधाएं खड़ी करते हैं.

सब्र की अपील

इसबीच मुख्या मंत्री किरण कुमार रेड्डी ने दोनों ही पक्षों से संयम बरतने के लिए कहा है. उनका कहना है कि लोकतंत्र में हरेक को अपनी सीमा के अन्दर रहते हुए काम करना चाहिए.

लेकिन सरकारी अधिकारी इससे संतुष्ट नहीं हैं और वो मुख्यमंत्री पर इस बात के लिए दबाव बढा रहे हैं की वो मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करें.

आईएएस अधिकारियों को शिकायत है कि मुख्यमन्त्री की खामोशी से उनके विरोधियों को और भी प्रोत्साहन मिलेगा.

ये घटना के ऐसे समय घटी है जब राज्य में आईएएस अधिकारी इस बात को लेकर पहले से ही चिंतित हैं कि भ्रष्टाचार के कई मामलों में उनके साथियों को या तो गिरफ्तार कर लिया गया है या फिर उन्हें तफ्तीश का सामना करना पड़ रहा है.

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