रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण गिरफ्तार

Image caption बाल कृष्ण बाबा रामदेव के सबसे निकट सहयोगी माने जाते हैं.

बाबा रामदेव के सबसे निकट सहयोगी और उनके दाएं हाथ माने जानेवाले आचार्य बालकृष्ण को आखिरकार हरिद्वार में गिरफ्तार कर लिया गया है.

बालकृष्ण को शाम को देहरादून स्थित सीबीआई दफ्तर लाया गया. यहां उनसे करीब दो घंटे पूछताछ हुई. मीडिया को अंदर जाने की मनाही थी.

इस बीच बड़ी संख्या में उनके समर्थक बाहर डटे रहे. पूछताछ के बाद बालकृष्ण को मेडिकल जांच के लिए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया.

जांच के बाद बाहर निकलते हुए भारी धक्कामुक्की और गहमागहमी के बीच बालकृष्ण ने अपने खिलाफ षडयंत्र का आरोप लगाया.

उनका कहना था कि, "केंद्र सरकार नौ अगस्त के आंदोलन से डरी हुई है, इसलिये पतंजली योगपीठ, बाबा रामदेव और उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है. ये आंदोलन जारी रहेगा और बढ़ेगा."

बालकृष्ण को हरिद्वार में पतंजलि आश्रम से गिरफ्तार किया गया था. जब उन्हें आश्रम में गिरफ्तार किया गया तो उनके समर्थक उनकी गाड़ी के आगे लेट गये और काफी धक्का-मुक्की हुई.

उनकी गिरफ्तारी से समर्थकों में भारी नाराजगी है और गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है.

गिरफ्तारी नाजायज

बालकृष्ण के वकील प्रवीण सेठ ने उनकी गिरफ्तारी को नाजायज ठहराया है, "हमने अदालत में हाजिरीमाफी की अपील की थी और तीन हफ्तों की मोहलत मांगी थी लेकिन उसे संज्ञान में नहीं लिया गया .हम सर्वोच्च न्यायालय में अपील करेंगे."

बालकृष्ण के खिलाफ सीबीआई कई मामलों की जांच कर रही है.कुछ में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और कुछ की जांच चल रही है.

कथित रूप से फर्जी डिग्री हासिल करने के मामले में बालकृष्ण को सीबीआई के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेंद्र कुमार सागर की अदालत ने समन जारी कर 20 जुलाई यानी आज कोर्ट में पेश होने को कहा था.

ये समन राधाकृष्ण संस्कृत कालेज खुर्जा के प्रिसिपल नरेश चंद्र द्विवेदी के खिलाफ भी है. सीबीआई ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

सौ पेज की इस चार्जशीट में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज़ और फर्जी पासपोर्ट के मामले दर्ज हैं. जून 2011 में पासपोर्ट अधिनियम के तहत भी सीबीआई ने बालकृष्ण पर मुकदमा भी दर्ज किया था.

इस मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने चार्जशीट दाखिल किए जाने तक बालकृष्ण को गिरफ्तारी पर स्टे दिया हुआ है.

धोखाधड़ी के मामले

सीबीआई को शिकायत मिली थी वो नेपाल के नागरिक हैं और भारत में फर्जी दस्तावेजो के ज़रिए पासपोर्ट बनवाया था.

1997 में बरेली में पासपोर्ट कार्यालय में बनावाए गए पासपोर्ट में पता हरिद्वार का लिखवाया गया है. खुर्जा बुलंदशहर के राधाकृष्ण संस्कृत कालेज से डिग्री लेना दिखाया गया था.

सीबीआई ने बालकृष्ण के जन्म के प्रमाण के लिए हरिद्वार नगर निगम का कार्यालय खंगाला तो वहां कोई रिकार्ड नहीं मिला. उधर नरेश चंद्र द्विवेदी के घर से 11 मार्कशीट बरामद हुई. इनमें सात फर्जी निकली.

सीबीआई का आरोप है कि बालकृष्ण की डिग्री समेत उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी हैं.

गौरतलब है कि बाबा रामदेव बालकृष्ण पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते रहे हैं और उनका आरोप है कि सरकार बदले की भावना के तहत काम कर रही है.

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