एनसीपी ने फिलहाल फैसला टाला

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Image caption शरद पवार ने सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की है लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला

केंद्र में सत्तारूढ़ यूपीए सरकार में रहने या नहीं रहने के मामले पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एनसीपी) ने अंतिम फ़ैसले को एक-दो दिनों के लिए टाल दिया है.

पार्टी ने कहा है कि महाराष्ट्र के नेताओं से चर्चा करने के लिए फ़ैसला टाला गया है और स्पष्ट किया है कि वह यूपीए का हिस्सा है और आगे भी बनी रहेगी.

हालांकि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा है कि जब तक फ़ैसला नहीं हो जाता सरकार में शामिल पार्टी के नेता किसी भी सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे.

उल्लेखनीय है कि ऐसे कई मुद्दों पर एनसीपी कांग्रेस से नाराज़ चल रही है, जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है.

हालांकि कांग्रेस का कहना रहा है कि इस तरह की समस्याएँ गठबंधन में आती रहती हैं और इसे लेकर चिंता करने की ज़रुरत नहीं है.

स्पष्टीकरण

दिल्ली में पत्रकारों से हुई बातचीत में प्रफुल्ल पटेल ने स्पष्ट किया है कि एनसीपी चुनाव के पहले से यूपीए का हिस्सा हैं इसलिए ये सवाल अप्रासंगिक है कि वे यूपीए को भीतर से समर्थन दे रहे हैं या बाहर से.

उन्होंने कहा, "एनसीपी यूपीए का अभिन्न अंग है और आगे भी बनी रहेगी."

इस सवाल पर कि चर्चा चल रही है कि महाराष्ट्र के किसी घोटाले में कथित रुप से एनसीपी का नाम आने की वजह से ये तनाव पैदा हो गया है, प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "हम किसी का नाम नहीं लेना चाहते लेकिन कांग्रेस के कुछ नेता इस तरह के घोटालों की अफ़वाह फैला रहे हैं. घोटालों में किस पार्टी के किन लोगों के नाम आए हैं ये हम कहना नहीं चाहते."

उन्होंने कहा, "हम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से अनुरोध करते हैं वे ऐसे लोगों को चुप रहने के लिए कहें. दरअसल कांग्रेस के कुछ नेता चाहते हैं कि कांग्रेस और एनसीपी के संबंध ख़राब हो जाएँ."

उन्होंने बताया कि पार्टी से विद्रोह करके चुनाव लड़ने वाले पीए संगमा की बेटी अगाथा संगमा ने सोमवार को पार्टी प्रमुख शरद पवार से बातचीत की है और आश्वासन दिया है कि वे पार्टी के साथ हैं और हर आदेश का पालन करेंगी.

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