अन्ना की घोषणा पर अखबारों ने ली चुटकी

  • 3 अगस्त 2012
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Image caption अन्ना हज़ारे ने कहा है कि वे खुद किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे.

अन्ना हज़ारे और उनके सहयोगियों के राजनीति में कदम रखने के इशारे को सभी अखबारों ने पकड़ा है और पहले पन्ने पर प्रमुखता से जगह दी है.

कुछ अखबारों ने चुटकी ली है तो कुछ ने सीधे सपाट तरीके से खबर को बताया है.

नवभारत टाइम्स ने इसे पहली खबर बनाया है और शीर्षक दिया है – ‘अब नेतागीरी’. साथ ही में एक बड़ा सवालिया निशान भी लगाया गया है और पूछा गया है कि अन्ना की टीम ने अनशन क्यों खत्म किया?

इसके ठीक नीचे खबर छपी है– ‘पहले से तय है डुबकी’. इसमें सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि अन्ना हज़ारे के सहयोगियों का राजनीति में प्रवेश का ऐलान कई महीने पहले से तय था.

अखबारों की चुटकी

अंग्रेज़ी भाषा के ज़्यादातर अखबारों ने अपनी खबर में इस बात पर तरजीह दी है कि सरकार के तवज्जो ना देने और जन-समर्थन के कम होने के बाद, नौ दिन का अनशन खत्म किया गया है और विकल्पों पर विचार हो रहा है.

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ ने शीर्षक दिया है – ‘अन्ना वेक्स अप टू 2014: फास्ट वेस्ट आफ टाइम’, यानि अन्ना वर्ष 2014 की सच्चाई को समझे कि अनशन दरअसल समय की बर्बादी है.

‘द पाइनीयर’ ने इसे पहली खबर बनाते हुए शीर्षक दिया है – ‘अन्ना ब्लिंक्स फर्स्ट’, यानि अपनी बात से अन्ना पहले पीछे हटे. यहां इशारा सरकार के अपने रुख पर कायम रहने की ओर है.

‘द हिन्दू’ अखबार ने इस खबर को पहले पन्ने के निचले हिस्से में जगह देते हुए भी इसी बात पर ज़ोर दिया है कि सरकार के ध्यान ना देने की वजह से शुक्रवार शाम अनशन तोड़ने का ऐलान किया गया है.

भारी पड़ीं साइना?

कई अखबारों ने इस खबर के साथ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे की कलाई पर बंधी राखियों के साथ उनकी तस्वीर छापी है.

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Image caption साइना नेहवाल ओलंपिक में बैडमिंटन सेमीफाइल के स्तर तक पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला है.

‘दैनिक भास्कर’ में छपी तस्वीर में वो अपनी मुट्ठी भींचे हाथ ऊपर उठाए हुए हैं और मुस्कुरा रहे हैं. खबर का शीर्षक है– ‘टीम अन्ना करेगी अब पॉलिटिक्स’.

‘दैनिक जागरण’ में छपी तस्वीर में अन्ना हज़ारे को उनके सहयोगी अरविंद केजरीवाल से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है.

केजरीवाल भी सफेद कुर्ते पायजामे में हैं और नौ दिन के अनशन के बाद उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई है.

खबर का शीर्षक है – ‘राजनीति करेगी टीम अन्ना – देश को देंगे राजनीतिक विकल्प’.

हालांकि कई अखबारों में बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल का ओलंपिक सेमीफाइनल में पहुंचना अन्ना के ऐलान पर भारी पड़ा और उनकी तस्वीर ने अखबार पर पहली जगह बटोरी.

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