उत्तरकाशी: बादल फटने से तबाही, 26 लोगों की मौत

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Image caption इससे पहले 1978 में उत्तरकाशी में ऐसी ही बाढ़ आई थी जिसमें सैकड़ों लोग बेघर हुए थे.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में बादल फटने से भागीरथी नदी में अचानक आई बाढ़ आ गई जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है.

इस घटना में अब तक 26 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है और अब भी कई लोग लापता हैं.

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बाढ़ पर चिंता जताते हुए कहा, “जिस विकराल रूप से प्रकृति का प्रकोप आया है उससे निपटने में समय लगेगा. काफी बड़ा नुकसान हुआ है. खेत और मवेशी बह गए हैं. कई भवन टूट गए हैं.”

उन्होंने बताया कि मनेरी भाली परियोजना के फेज 2 और 3 दोनों को नुकसान पहुँचा है, गंगोरी का पुल बह गया, फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तक बह गईं हैं और भटवारी के पुल को नुकसान पंहुचा है.

पिछले कुछ दिनों से उत्तरकाशी में मौसम लगातार खराब चल रहा था और रुक-रुक कर बारिश हो रही थी. लेकिन शुक्रवार आधी रात को अचानक ही बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया और भागीरथी-असिगंगा दोनों ही नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया.

बाढ़ से लोगों के घरों में पानी घुसने लगा और कई इलाकों में सो रहे लोगों को सुबह तक यह पता ही नहीं चल पाया.

चमोली, टिहरी और पिथौरागढ़ में भूस्खलन

स्थानीय पत्रकार बलबीर परमार ने बताया - “कई शवों को बहते हुए देखा गया. अब भी 50 के लगभग लोग लापता हैं. यहां भारी अफरा-तफरी की स्थिति है और मौसम अभी भी खराब है.”

अधिकारियों के अनुसार करीब 2000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, 200 परिवारों को स्कूलों और गढ़वाल मंडल के गेस्ट हाउस में ठहराया गया है.

प्रादेशिक सशस्त्र बल (पीएसी) और भारत-तिब्बत सीमा बल (आईटीबीपी) की टीम राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं. पानी इतना ज्यादा बढ़ा हुआ था कि तीन सिपाही तो मदद करने के दौरान ही बह गए.

गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग भी अवरूद्ध हो गया है और फिलहाल गंगोत्री और यमुनोत्री की चार धाम यात्रा भी स्थगित कर दी गई है.

मुख्यमंत्री बहुगुणा ने कहा कि मार्ग खुलने पर आपदा मंत्री वहां जाएंगे, फिर नुकसान का ब्योरा लेकर राज्य सरकार केंद्र के पास जाएगी और मदद की मांग करेगी.

उत्तरकाशी ही नहीं उत्तराखंड के कई पर्वतीय इलाके इस समय बाढ़-भूस्खलन की चपेट में हैं. चमोली, टिहरी और पिथौरागढ़ के इलाकों से भूस्खलन और पहाड़ टूटने की खबरें आ रही हैं. कई जगह सड़के बंद है और संचार व्यवस्था ठप्प हो गई है जिससे आम जीवन अस्त-व्यस्त है.

जम्मू कश्मीर में भी अचानक आई बाढ़

भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में अचनाक आई बाढ़ में 22 लोग फंस गए हैं, जिसके बाद इलाके में एलर्ट जारी कर दिया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अधिकारियों ने बताया है कि उझ और तवी नदियों में आई बाढ़ की वजह से कथुआ, मायाचक, नागरी, सुजानल और मुथी इलाकों में लोग प्रभावित हैं.

फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए राहत दल रवाना कर दिए गए हैं.

चेनाब, तावी, उझ और बसंतर नदियां अभी भी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इसके चलते निचले इलाकों में रह रहे लोगों को आगामी ख़तरे से सचेत कर दिया गया है.

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