पूर्वोत्तर पर एकजुट हो भारत: मनमोहन

 शुक्रवार, 17 अगस्त, 2012 को 12:26 IST तक के समाचार

बंगलौर, चेन्नई और मुंबई जैसे शहरों से पूर्वोत्तर के रहने वाले लोगों के पलायन का मामला आज संसद में भी उठा. प्रश्नकाल स्थगित करके इसी मुद्दे पर चर्चा की गई.

भाजपा, जनता दल यूनाइटेड समेत कई पार्टियों के नेताओं ने पूर्वोत्तर के नागरिकों के साथ हो रहे सुलूक की निंदा की है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में कहा कि अगर कोई पूर्वोत्तर के लोगों के बारे में अफवाहें फैला रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.

"पूर्वोत्तर बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र है. अगर कोकराझाड़ में कुछ घटना हुई है तो देश के दूसरे इलाकों में इस घटना का इस्तेमाल पूर्वोत्तर के लोगों को परेशान करने के लिए नहीं किया जा सकता. हम हर संभव कोशिश करेंगे कि हमारे नागरिक देश के हर कोने में सुरक्षित महसूस करें. ये देश उनका भी है. यहाँ देश की एकता का सवाल है"

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, “पूर्वोत्तर बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र है. अगर कोकराझाड़ में कुछ घटना हुई है तो देश के दूसरे इलाकों में इस घटना का इस्तेमाल पूर्वोत्तर के लोगों को परेशान करने के लिए नहीं किया जा सकता. हम हर संभव कोशिश करेंगे कि हमारे नागरिक देश के हर कोने में सुरक्षित महसूस करें. ये देश उनका भी है. यहाँ देश की एकता का सवाल है.”

'केवल मौखिक आश्वास्न न दें'

वहीं भाजपा की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि इस मुद्दे पर सभी पार्टियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर सोचना होगा.

सुषमा स्वराज का कहना था, “जो सुर मुझे सुनाई देते हैं वो काफी चिंताजनक हैं. पूर्वोत्तर का क्षेत्र राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. वहाँ अलगाववाद है. कई भूमिगत संगठनों से सरकार शांतिवार्ता कर रही है. अगर हम इसी राह पर चले जो सुर मैं सुन रही हूँ तो सरकार की विश्वनियता पर सवाल खड़े हो जाएँगे. हमें पूर्वोत्तर के लोगों से कहना होगा कि ये देश तुम्हारा है और तुम जहाँ चाहे रह सकते हो.”

सुषमा स्वराज ने कहा कि राज्य सरकारें केवल मौखिक आश्वास्न न दें और लोगों के लिए हेलपलाइन बनाएँ.

"लोगों के मन में एरिया ब्लॉक है. मंगोलियनों की तरह हम दिखते हैं इस वजह से पूर्वोत्तर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है"

सांसद निनॉंग एरिंग

पूर्वोत्तर राज्यों के सांसदों ने भी अपनी चिंता जताई. अरुणांचल प्रदेश के सांसद निनोंग एरिंग ने कहा, “लोगों के मन में एरिया ब्लॉक है. मंगोलियनों की तरह हम दिखते हैं इस वजह से पूर्वोत्तर के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.”

वहीं अफवाहें फैलाने पर जनता दल यू के सांसद शरद यादव ने सवाल उठाया कि सरकार कार्रवाई करने की बात तो कर रही है लेकिन वो कार्रवाई करेगी किसके खिलाफ.

उधर भाजपा नेता अरूण जेटली ने भी चिंता जताते हुए कहा कि लोगों के बीच डर का माहौल बनाया जा रहा है और सब राजनीतिक पार्टियों को एक सुर में बात करनी होगी ताकि ये पलायन बंद हो.

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