जब सूरज ही ना हो अस्त तो कैसे खुले रोजा?

 रविवार, 19 अगस्त, 2012 को 10:09 IST तक के समाचार

रमज़ान के दौरान दुनिया भर के मुसलमान रोज़े रख रहे हैं. रोज़े का समय सूर्योदय और सूर्यास्त से तय होता हैं जिसके दौरान रोज़ेदार ना कुछ खाते हैं ना कुछ पीते हैं.

लेकिन ज़रा सोचिए वहां क्या होता होगा जहां सूरज अस्त ही ना हो या फिर दिन बहुत लंबा हो.

फिनलैंड का रोवानेइमी शहर ऐसी ही एक जगह है जहां सर्दियों में ये शहर अंधेरे में डूबा रहता है और गर्मियों में उजाले से नहाया रहता है.

दिन का ये लंबा समय शाह जलाल मियां मसूद जैसे मुसलमानों के लिए खास परेशानी पैदा कर रहा है.

28 साल के शाह जलाल पांच साल पहले बांग्लादेश से आईटी की पढ़ाई करने फिनलैंड के रोवानेइमी शहर आए थे.

शाह जलाल को 21 घंटे तक बिना पानी और खाने के रखना पड़ता है. हंसते हुए शाह जलाल कहते हैं, “यहां अंधेरा ही नहीं होता. सूरज हमेशा क्षितिज पर रहता हैं और ये अंदाजा लगान मुश्किल हो जाता हैं कि वक्त क्या हुआ है.”

सुरज रात को ग्यारह बजे अस्त होता है और फिर पांच घंट में सूर्योदय हो जाता है.

अंधेरा ही नहीं होता..

"फिनलैंड में अंधेरा ही नहीं होता. सूरज हमेशा क्षितिज पर रहता हैं और ये अंदाजा लगान मुश्किल हो जाता हैं कि वक्त क्या हुआ है."

शाह जलाल

शाह जलाल स्वीकार करते हैं कि फिनलैंड के समय के अनुसार रोज़े करना मुश्किल हैं और वो थके हुए हैं. साथ ही वो कहते हैं कि फिनलैंड के लंबे समय के हिसाब से रोज़े रखना मज़ेदार है.

लेकिन इसका दूसरा उपाय भी है. आप दक्षिण फिनलैंड के सूर्य उदय और अस्त के समय का रोज़ा कर सकते हैं.

उत्तरी फिनलैंड की इस्लाम सोसाइटी के इमाम डॉ अब्दुल मनान कहते हैं कि इसकी दो विचारधाराएं हैं, “मिस्र के विद्वानों के अनुसार जहां दिन की लंबाई 18 घंटे से ज्यादा हो वहां मक्का या मदीना के समय के अनुसार रोज़े रखे जा सकते हैं जबकि सऊदी विद्वानों का मानना हैं कि नज़दीकी मुस्लिम देश के समय के अनुसार रोज़े रखे जा सकते हैं.”

अब्दुल मनान कहते हैं कि उत्तरी फिनलैंड के मुसलमान या तो मक्का के समय के अनुसार रोज़ा रखते हैं या फिर तुर्की के समय के अनुसार, क्योंकि तुर्की ही फिनलैंड का सबसे करीबी मुस्लिम देश है.

हलाल खाना उपलब्ध नहीं

विश्व भर से बहुत से मुसलमान फिनलैंड में शरण भी लेते हैं. शरण वालों में सोमालिया, इराक और अफगानिस्तान से आने वाले शरणार्थी होते हैं.

एक साल में औसतन 750 लोग फिनलैंड में शरण लेते हैं और उन्हें अकसर उत्तरी फिनलैंड के रोवानेइमी शहर में बसाया जाता है.

रोवानेइमी शहर में रोज़े रखने में यही इकलौती परेशानी नहीं हैं. 60,000 की आबादी वाले इस शहर में हलाल खाना उपलब्ध करवाने वाली दुकाने नहीं हैं.

हलाल मीट के लिए मुसलमानों को 300 किलोमीटर दूर ओउलू शहर जाना पड़ता है जबकि दूसरा विकल्प सीमापार करते हुए स्वीडन में है.

गौरतलब हैं कि फिनलैंड में 60,000 मुसलमान रहते हैं जो कि कुल आबादी का एक प्रतिशत है.

रुस और तुर्की से आए तातार मुसलमान फिनलैंड में इस्लाम लेकर आए थे और वो हेलसेंकी क्षेत्र में फर और कपड़े का व्यापार करते हैं.

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