बेनी प्रसाद वर्मा: हम तो महँगाई से ख़ुश हैं

 सोमवार, 20 अगस्त, 2012 को 15:26 IST तक के समाचार
बेनी प्रसाद वर्मा

बेनी प्रसाद वर्मा का कहना है कि उन्हें महँगाई पर ख़ुशी है क्योंकि इससे किसानों को फ़ायदा होता है

केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने बढ़ती महँगाई पर 'ख़ुशी' जताते हुए कहा है कि खाद्य पदार्थों की बढ़ती क़ीमतों से किसानों को फ़ायदा होगा.

एक कार्यक्रम के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री वर्मा ने कहा, "दाल महँगी हो गई, आटा महँगा हो गया, चावल महँगा हो गया और सब्ज़ियाँ महँगी हो गई हैं. क़ीमतें जितनी ज़्यादा होंगी किसानों का उतना ही फ़ायदा होगा. हम तो ख़ुश हैं इस महँगाई से."

उन्होंने कहा कि मीडिया बढ़ती क़ीमतों पर हाय-तौबा मचा रहा है, "मीडिया कहती है कि खाने की थाली महँगी हो गई है, इससे फ़ायदा किसानों को है, और सरकार किसानों के फ़ायदे की पक्षधर है."

वर्मा के इस बयान पर नाराज़गी जताते हुए विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस महँगाई से परेशान आम लोगों की मुश्किलों को अनदेखा कर रही है.

भाजपा नेता शाहनवाज़ हुसैन ने दिल्ली में कहा, "कांग्रेस नेताओं पर महँगाई का असर नहीं हो रहा है. इससे बढ़कर कोई बुरी बात नहीं हो सकती. आज किसानों को खाद, बिजली और बीज महँगा मिल रहा है और खेती का दाम बढ़ रहा है. फिर किस महँगाई से उनका फ़ायदा होने वाला है."

स्पष्टीकरण

"क़ीमतें जितनी ज़्यादा होंगी किसानों का उतना ही फ़ायदा होगा. हम तो ख़ुश हैं इस महँगाई से"

बेनी प्रसाद वर्मा

शाहनवाज़ ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ़ आम आदमी की बात करती है मगर आम आदमी से कहीं दूर चली गई है.

वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी नेता डी राजा ने कहा कि एक तरफ़ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह महँगाई पर चिंता जताते हैं तो दूसरी ओर उनके मंत्री इस पर ख़ुशी जता रहे हैं, ऐसे में सरकार को अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए.

बाद में इस पर स्पष्टीकरण देते हुए बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा, "आज़ादी के बाद जिन लोगों की तनख़्वाहें 100 रुपए थीं वो आज हो गई 60-70 हज़ार मगर किसान जहाँ का तहाँ है. दाल के दाम बढ़ते हैं, गेहूँ के दाम बढ़ते हैं तो हल्ला मच जाता है मगर किसान किस दुर्दशा में जीवन बिता रहा है उस पर आवाज़ नहीं उठती."

वर्मा का कहना था कि जब तक किसान की हालत नहीं सुधरेगी तब तक देश मज़बूत नहीं हो सकता. उन्होंने कहा, "भारत सरकार ने एफ़डीआई लाने की कोशिश की मगर सबने उसे रोक दिया. एफ़डीआई होगा तो किसानों को भी सही क़ीमत मिलेगी."

उन्होंने कहा कि जब भी किसानों के उत्पाद के दाम बढ़ते हैं तो उन्हें ख़ुशी होती है और वह आज भी उस बात पर क़ायम हैं.

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