एसएमएस नहीं तो कोई ग़म नहीं

 सोमवार, 20 अगस्त, 2012 को 12:00 IST तक के समाचार

एक दिन में पाँच से ज़्यादा एसएमएस भेजने पर भारत सरकार के प्रतिबंध से बचने के लिए लोगों ने अब दूसरे रास्तों का सहारा लेना शुरू कर दिया है.

सोमवार को देश में ईद की रौनक है मगर लोग इस बात से भी परेशान दिखे कि वे पाँच ही संदेश भेज सकते हैं. वैसे ये प्रतिबंध प्रीपेड कनेक्शन पर ही लागू है.

कुछ लोगों ने इस मौक़े पर जहाँ अपने दोस्तों को सीधे फ़ोन करना बेहतर समझा तो कई ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है. फ़ेसबुक पर लोगों ने सीधे अपने दोस्तों को ईद मुबारक़ का संदेश भेजा.

बीबीसी हिंदी के फेसबुक पेज़ पर राममूर्ति भारद्वाज लिखते हैं कि उनके सभी दोस्त फे़सबुक पर मौजूद हैं और वो इसी के माध्यम से उन्हें ईद मुबारक कह रहे हैं.

इतना ही नहीं ब्लैकबेरी फ़ोन का इस्तेमाल करने वालों ने मैसेंजर का इस्तेमाल किया है तो कई और लोगों ने वॉट्सऐप या वाइबर जैसे फ़ोन ऐप्लिकेशन्स का सहारा लिया.

बीबीसी हिदीं के ही फे़सबुक पेज़ पर अविनाश राज कहते हैं कि एसएमएस की सीमा से बचने के लिए वो वट्स अप एप्लिकेशन इस्तेमाल कर रहे हैं.

दरअसल बंगलौर और अन्य जगहों में पूर्वोत्तर भारत के लोगों के बीच एसएमएस से अफ़वाह फैली थी जिसमें उन लोगों को निशाना बनाने की बात कही गई थी.

इसके बाद भारत सरकार ने एक दिन में पाँच से ज़्यादा एसएमएस भेजने पर रोक लगा दी है.

इसके बाद भारत ने इस दिशा में पाकिस्तान पर भी उंगली उठाई है और कहा है कि ये दहशत फैलाने में पाकिस्तान का हाथ था.

वहीं गृह सचिव आरके सिंह ने कहा कि ऐसी 76 वेबसाइट्स की पहचान कर ली गई है जिनका इस्तेमाल अफवाहें फैलाने के लिए किया गया है और इन्हें अब ब्लॉक कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि इनके अलावा 34 अन्य वेबसाइटों की पहचान कर ली गई है और सरकार उन्हें ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है.

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