भाजपा ने दी जेपीसी से इस्तीफ़े की धमकी

 बुधवार, 22 अगस्त, 2012 को 16:58 IST तक के समाचार
यशवंत सिन्हा

भाजपा की मांग है कि 2 जी मामले में प्रधानमंत्री औऱ गृहमंत्री जेपीसी के सामने पेश हों.

2 जी घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति, जेपीसी, के कांग्रेस सदस्यों पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को भाजपा सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट किया और इस्तीफे़ की धमकी दी.

भाजपा सदस्य जेपीसी के समक्ष प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बुलाने की मांग कर रहे थे.

भारतीय जनता पार्टी सदस्य जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा, धर्मेंद्र प्रधान और रविशंकर प्रसाद ने उस बैठक से वॉकआउट किया जिसमें गवाही देने वाले लोगों के नामों को अंतिम रूप दिये जाने की उम्मीद थी.

बीजेपी सदस्यों का कहना था कि घोटाले की "निष्पक्ष जांच" के लिए मनमोहन सिंह और पी चिदंबरम का जेपीसी के सामने पेश होना ज़रूरी था.

यशवंत सिन्हा ने पत्रकारों को बताया, "जब हमने आठ हफ़्ते से लंबित गवाहों की सूची का मामला निपटाने की मांग की तो कांग्रेस सदस्यों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और इसलिए हमने वॉकआउट किया. इस्तीफ़े के बारे में हम बाद में फ़ैसला करेंगे."

सिन्हा ने आगे कहा, "हमने प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को बुलाने की मांग की थी. लेकिन कांग्रेस सदस्यों ने हम पर जेपीसी को 'कंगारू कोर्ट' में तब्दील करने का आरोप लगाया.

2जी घोटाले की जांच कर रही 30 सदस्यीय जेपीसी में भाजपा के छह सदस्य हैं.

दूसरे दिन भी हंगामा

इससे पहले कोयले के आवंटन को लेकर सीएजी की रिपोर्ट से उठे विवाद ने लगातार दूसरे दिन भी संसद की कार्यवाही को नहीं चलने दिया.

"जब हमने आठ हफ़्ते से लंबित गवाहों की सूची का मामला निपटाने की मांग की तो कांग्रेस सदस्यों ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और इसलिए हमने वॉकआउट किया. इस्तीफ़े के बारे में हम बाद में फ़ैसला करेंगे."

यशवंत सिंहा, 2 जी मामले पर जेपीसी के भाजपा सदस्य

विपक्षी भारतीय जनता पार्टी अब भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफ़े की माँग पर अड़ी हुई है.

उधर कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि दूर-दूर तक इस घोटाले के लिए प्रधानमंत्री को दोषी नहीं ठहराया जा सकता था.

वैसे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के एक प्रमुख घटक दल जनता दल यूनाइटेड ने सुबह कार्यवाही शुरू होते समय बाढ़ और सूखे के मसले पर विशेष बहस की माँग कर दी. उधर सदन में भाजपा के सांसद प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े की माँग कर रहे थे.

उधर भाजपा के इस बर्ताव से नाराज़ संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार इस मसले पर बहस कराने के लिए तैयार है मगर प्रधानमंत्री के इस्तीफ़े के नारों के बीच उनकी आवाज़ दब गई.

मनमोहन सिंह

कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का नाम विपक्ष जबरन इसमें घसीट रहा है

बंसल ने कहा, "उनका इरादा बिल्कुल साफ़ है. वो संसद को क्या बनाना चाहते हैं? संसद बहस के लिए है. वो आएँ और बहस करें. हम विपक्ष के तर्कों का कड़ा जवाब देंगे और शायद इसीलिए वे बहस से भाग रहे हैं."

ज़िम्मेदारी

वहीं भारतीज जनता पार्टी ने कहा है कि मौजूदा गतिरोध समाप्त करने का एक ही तरीक़ा है और वो है कि प्रधानमंत्री इस मामले में ज़िम्मेदारी स्वीकार करें.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने 2जी घोटाले और कोयला आवंटन घोटाले की तुलना करते हुए कहा कि जहाँ पहले मामले में प्रधानमंत्री सिह राजनीतिक तौर पर ज़िम्मेदार थे तो दूसरे में वो सीधे तौर पर शामिल हैं.

जेटली ने कहा, "वो किसी भी तरह इतने बड़े नुक़सान की ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते हैं."

इसके बाद शाम को एक संवाददाता सम्मेलन में श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा, ''प्रधानमंत्री का काम था देश की आवश्यकताओं के अनुसार नीति बनाना, नई नीतियों को अमलीजामा पहनाने के लिए जो मैकेनिज़म का विकास किया जाना था वो पारदर्शी होता. इससे ज्यादा पारदर्शी क्या हो सकता था.''

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