अफ़वाह ने फिर हज़ारों को सड़क पर फेंका

 शनिवार, 25 अगस्त, 2012 को 10:03 IST तक के समाचार
फ़ाइल चित्र

लोगों के फ़ोनों की घंटियाँ रात भर घनघनाती रहीं

दक्षिण भारत में अफवाह के चलते हज़ारों के पलायान के बाद कल रात भूकंप के आने की अफवाह ने राजस्थान के शेखावटी इलाके में हज़ारों लोगों को घरों से निकल सड़कों पर रात बिताने को मजबूर कर दिया.

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के लिए ये रतजगा था. रात ढली और लोग सड़को पर आने लगे. किसी भूकंप जैसी अनहोनी की आशंका ने हजारों लोगों को घरों से बाहर निकाल दिया.

स्थानीय लोग कहते है मोबाइल पर घंटिया घनघनाती रहीं. लेकिन अफवाह फ़ैलाने वालो का कोई सुराग नहीं लगा.

ये कहा गया कि आधी रात बाद तीन से भोर के पांच बजे के बीच भूकंप आएगा. समय बीता तो पता चला कि वो महज अफवाह थी.

निष्क्रिय प्रशासन

क्लिक करें अफवाह के पैर बहुत तेज थे.

वो गाँव कस्बों तक फैली. इसमें तकनीक ने भी काम किया. हमें भी सीकर से अशफाक कायमखानी और भागीरथ गोदारा जैसे जागरूक नागरिको के फोन आने लगे कि कोई इस अफवाह का निर्मूलन नहीं कर रहा है.

सीकर शेखावाटी का सबसे बड़ा शहर है. सीकर में लोग एक दूसरे के घरों पर दस्तक देकर जान की हिफाजत का हवाला देते और कहते जान बचानी है तो घरों से बाहर निकलो.

हजारों लोग सड़कों पर थे. पर प्रशासन का कोई नुमाइन्दा इस अफवाह का प्रतिवाद करने नहीं निकला.

औरत मर्द और क्या बच्चे, सब की आँखों में एक अज्ञात भय उतरा हुआ था. सीकर के भागीरथ गोदारा ने यूँ मंजर किया तो लगा गणेश जी को दूध पिलाने की घटना का दोहराव हो रहा है.

इस क्षेत्र में तीन दिन से भारी बारिश के सब नुकसान हुआ है और बचाव में सेना की मदद लेनी पड़ी है.

शेखावाटी के सीकर जैसे बड़े शहरो, छोटे कस्बों और गाँव देहातो में सरकारी अमला भी है. मगर स्थानीय लोग कहते है किसी सरकारी प्रतिनिधी ने इन अफवाहों के पाँव रोकने के लिए अपने कदम नहीं बढ़ाये.

निजी कोशिशें

हाँ सीकर में एक हिंदी दैनिक का एक फोटो पत्रकार भोर में निकला और घूम घूम कर लोगो को बताता रहा कि कही कोई अनहोनी नहीं है ये महज अफवाह है. पर लोग पूछ रहे है इन अफवाहों के बीच सरकारी अमला कहाँ था.

अफवाहों की इस क्लिक करें बाढ़ ने सीकर, झुंझनु ,लाडनू , मंडवा, लक्ष्मणगढ़ , फतेहपुर जैसे कस्बों में भी लोगो को रात भर जगाये रखा.

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