असम में फिर भड़की हिंसा, हज़ारों ने घर छोड़ा

 गुरुवार, 30 अगस्त, 2012 को 16:47 IST तक के समाचार
असम में हिंसा

असम में हिंसा के बाद से हज़ारों लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं.

अधिकारियों का कहना है कि ताज़ा हिंसा के बीच असम के बारपेटा ज़िले से चार हज़ार लोग अपना घर-बार छोड़ कर भाग गए हैं.

बारपेटा में बुधवार को मुस्लिम संगठनों ने बंद का आहवान किया था जिसके दौरान हिंसा भड़क उठी.

पुलिस का कहना है कि इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 40 से अधिक लोग घायल हो गए. विस्थापित लोगों ने बारपेटा रोड़ टाउन नाम के इलाके में तीन कैंपों में शरण ली है.

असम में पिछले महीने बोडो आदवासियों और मुसलमानों के बीच शुरू हिंसा के बाद से अब तक करीब 100 लोग मारे गए हैं. हिंसा के बाद से तीन लाख लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं.

ताज़ा हिंसा और विस्थापन ऐसे समय में सामने आया है जब असम सरकार पिछले महीने से चल रही हिंसा के कारण विस्थापित हुए लोगों उनके घरों में वापस भेजने का प्रयास कर रही है.

सख्ती की अपील

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने असम सरकार से हिंसा रोकने के लिए दंगाईयों से सख़्ती से निपटने की अपील की है.

"हमने असम सरकार से कहा है कि अगर वरिष्ठ सियासतदान भी हिंसा भड़काते हुए पाए जाएं तो उन्हें गिरफ़्तार किया जाए"

गृह मंत्रालय के अधिकारी

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, “हमने असम सरकार से कहा है कि अगर वरिष्ठ सियासतदान भी हिंसा भड़काते हुए पाए जाएं तो उन्हें गिरफ़्तार किया जाए.”

लेकिन असम सरकार का कहना है कि और गिरफ़्तारियों से हालात बदतर हो सकते हैं.

पिछले हफ़्ते असम पुलिस ने विधायक प्रदीप ब्रह्मा को गिरफ़्तार किया था. विधायक पर आरोप है कि उसने बोडो आदिवासियों की भीड़ का मुसलमानों के ख़िलाफ़ हिंसा के दौरान नेतृत्व किया.

लेकिन प्रदीप ब्राह्मा के हज़ारों समर्थकों ने उनकी गिरफ़्तारी के विरोध में कोकराझार ज़िले में रेल और सड़क को यातायात के लिए बंद कर दिया था.

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