ड्रग स्मगलिंग में सबसे आगे पंजाब

 सोमवार, 3 सितंबर, 2012 को 08:47 IST तक के समाचार
पंजाब

कुरैशी के मुताबिक हर नशीला पदार्थ इस समय पंजाब में इस्तेमाल किया जा रहा है

पंजाब एक समय पर अपने लहलहाते खेतों से हरित क्रांति का नेतृत्व करने वाला राज्य था. लेकिन पिछले कुछ समय से इसकी चर्चा नशीले पदार्थों की सहज उपलब्धता, उसकी तस्करी और युवाओं में इसकी लत के लिए होने लगी है.

अब चुनाव आयोग की ओर से सरकार को आगाह किया गया है कि पंजाब के युवा नशे में डूबे हुए हैं जिससे इस राज्य के भविष्य पर एक तरह से अंधेरा छा गया है.

चुनाव आयुक्त रहे एसवाई कुरैशी ने सेवानिवृत्त होने से पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी थी और उनसे इस पर तुरंत कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह किया था.

बीबीसी के पास इस रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध है और इसमें उन्होंने लिखा है, ''पंजाब ड्रग तस्करी का केंद्र बन गया है और 'हाई पोटेंट' वाले नशीले पदार्थों की तस्करी का 40 प्रतिशत इस राज्य से होकर दूर दराज के देशों तक जा रहा है.''

इन देशों में यूरोप और उत्तर अमरीका के देश शामिल हैं.

हर तरह का नशा

उनका कहना है, ''हर तरह का नशीला पदार्थ इस समय पंजाब में इस्तेमाल किया जा रहा है.''

इस जानकारी को प्रधानमंत्री से साझा करने को अपना 'राष्ट्रीय कर्तव्य' बताते हुए उन्होंने कहा है, ''भटिंडा, मानसा, संगरूर, मुक्तसर और फिरोज़पुर सबसे अधिक प्रभावित जिले हैं जो राजस्थान और हरियाणा की सीमा से सटे हुए हैं.''

उनका कहना है कि पंजाब के नशीले पदार्थों का केंद्र बनने का 'कारण यह है कि यह गोल्डन क्रीसेंट के बहुत करीब है.'

'गोल्डन क्रीसेंट' मध्य, दक्षिण और पश्चिमी एशिया के उस तिराहे को कहा जाता है जो ग़ैर-कानूनी अफीम के उत्पादन का मुख्य केंद्र है. यह अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान से मिला हुआ है और इनकी पहाड़ी सीमाएं क्रीसेंट कहलाती हैं.

स्वास्थ्य और भविष्य

"परेशान करने वाली बात यह है कि यह विपदा पंजाब के युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को बर्बाद कर रही है जो नशीली दवाओं के खुले तौर पर उपलब्ध होने की वजह से इनका निशाना बन रहे हैं"

एसवाई कुरैशी की रिपोर्ट का हिस्सा

कुरैशी ने कहा, ''यह वो मामला है जिससे चुनावों का प्रबंधन करने वाली संस्था के तौर पर आयोग ने लड़ना शुरु कर दिया है और आगे भी करता रहेगा लेकिन हमारे प्रयास केवल चुनाव प्रक्रिया के समय तक ही सीमित रह सकते हैं.''

उन्होंने कहा, ''परेशान करने वाली बात यह है कि यह विपदा पंजाब के युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य को बर्बाद कर रही है जो नशीली दवाओं के खुले तौर पर उपलब्ध होने की वजह से इनका निशाना बन रहे हैं.''

उनका कहना है कि इस समस्या के बाकी राज्यों में फैलने की आशंका है.

उन्होंने देश के हित में प्रधानमंत्री से इस बारे में कड़े कदम उठाने की अपील की है.

कुरैशी ने प्रधानमंत्री से कुछ डराने वाले आंकड़े भी साझा किए. ये आंकड़े नशीले पदार्थों हैं जो चुनाव आयोग ने इस वर्ष चार जनवरी और छह फरवरी के बीच चुनावों के अभियान के दौरान बरामद किए थे.

इनमें 53.555 किलो हेरोइन, 434.60 किलो पॉपी हस्क यानी पोस्त, एक किलो अफीम और कई नशीली दवाईयां शामिल हैं.

अभी इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि इस रिपोर्ट पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कोई प्रतिक्रिया दी है या नहीं.

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