कुंभ मेले पर होगी सीसीटीवी की निगरानी

 बुधवार, 5 सितंबर, 2012 को 01:08 IST तक के समाचार

कुंभ के मेले में करोड़ों की तादाद में लोग आते हैं, जिनकी सुरक्षा प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौति होती है

आगामी महा-कुम्भ मेले के दौरान यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था में मदद के लिए इलाहाबाद शहर में लगभग 200 क्लोज़ सर्किट टेलीविजन यानि सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे.

कंट्रोल रूम में बैठे पुलिस अफसर इनकी मदद से संगम स्नान क्षेत्र, बस और रेलवे स्टेशन समेत पूरे शहर की निगरानी कर सकेंगे और जरुरत के मुताबिक वहां तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दे सकेंगे.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कुम्भ मेला आर के एस राठौर ने बताया कि मेले की खुफिया निगरानी के लिए और भी अनेक आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे.

उनके मुताबिक सिविल पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के अलावा सेना भी सुरक्षा व्यवस्था मे मदद करेगी. इनमे आपस में बातचीत के लिए मोबाइल फोन के अलावा एक बड़ा वायरलेस नेटवर्क बनाया जा रहा है.

के एस राठौर ने कहा,“इतने बड़े श्रृद्धालुओं को सुरक्षापूर्वक और सुविधाजनक रूप से स्नान कराना जहां एक तरफ पुण्य कमाने का सुअवसर है, वहीं इस मेले को हम युद्ध जैसी चुनौती भी मान रहे हैं.”

उन्होंने बताया कि इस बार मेला क्षेत्र में 40 थाने और 42 चौकियां बनाई जाएंगी.

राठौर को फैजाबाद के पुलिस कप्तान के रूप में अयोध्या के अत्यधिक संवेदनशील विवादित स्थल की सुरक्षा का अनुभव है. इसके आधार पर कुम्भ में उनकी योजना माक्रो सेक्टर बनाने की है, जिसमे एक सिपाही भी अपने चालीस पचास वर्ग मीटर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए प्रभारी होगा.

इस बार का कुम्भ मेला मकर संक्रांति चौदह जनवरी से प्रारम्भ होकर शिवरात्रि दस मार्च तक पचपन दिन चलेगा.

इस मेले की शुरुआत से लेकर अंत तक कई करोड लोग आएंगे. लेकिन मुख्य पर्वों पर नगा साधुओं के शाही स्नान के दौरान तीन चार करोड लोग एक साथ आ जाते हैं जो यातायात और सुरक्षा के लिए के बड़ी चुनौती होती है.

ऐसे में सबसे बड़ा ख़तरा भगदड़ का होता है, जिसके लिए यातायात नियंत्रण सबसे बड़ा काम है.

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