जेल में हैं तो क्या हुआ, हम वीआईपी हैं...

 शनिवार, 8 सितंबर, 2012 को 07:09 IST तक के समाचार

चंचलगुड़ा जेल में वीआईपी क़ैदी मीडिया की ख़ासी भीड़ जुटा लेते हैं

हैदराबाद की मशहूर चंचलगुड़ा जेल में बंद क़ैदियों की सूची पर नज़र डालें तो लगेगा कि एक छत के नीचे शहर के नामीगिरामी लोग किसी भोज पर आए हैं.

इस जेल में इस समय एक पूर्व मंत्री, एक लोकसभा सदस्य, दो विधायक, तीन निलंबित जज, एक पूर्व जज, तीन आईएएस अधिकारी और एक बड़े उद्योगपति भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में बंद हैं.

131 वर्ष पहले हैदराबाद के पुराने शहर में बनी इस जेल में इतनी चर्चित हस्तियां इससे पहले इमरजेंसी के दौर में ही क़ैद थीं.

जगनमोहन रेड्डी

चंचलगुड़ा जेल में क़ैद सबसे प्रभावशाली और बहुचर्चित शख्सियत कडप्पा से सांसद वाई एस जगनमोहन रेड्डी हैं.

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगन के पास 450 करोड़ रुपए की संपत्ति है और इसी वजह से उन्हें लोकसभा के सबसे अमीर सदस्य के रूप में भी जाना जाता है.

जगन ने तीन सितंम्बर को जेल में सौ दिन पूरे कर लिए हैं. एक "विशेष क़ैदी" का दर्जा दिए जाने की वजह से उन्हें एक अलग कमरे में रखा गया है.

उन्हें पढ़ने के लिए समाचार पत्र और मनोरंजन के लिए एक टीवी सेट भी दिया गया है, लेकिन उस पर केवल दूरदर्शन के कार्यक्रम ही देखे जा सकते हैं.

जगन पर भ्रष्ट और अवैध तरीकों से संपत्ति जमा करने, अपने पिता की सत्ता का दुरुपयोग करने, विदेश से अवैध तरीके से पूँजी लाने और धोखाधड़ी समेत कई गंभीर आरोप लगे हैं.

जगनमोहन के सहयोगी

चंचलगुड़ा जेल में क़ैद सबसे प्रभावशाली व्यक्ति हैं कडप्पा से सांसद जगनमोहन रेड्डी.

अपनी गिरफ्तारी तक राज्य के एक वरिष्ठ मंत्री रहे एम वेंकट रमन्ना को जगन की गिरफ्तारी के बाद त्याग पत्र देना पड़ा था.

उनपर राजशेखर रेड्डी की कैबिनेट में मंत्री रहते हुए जगन की कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए एक निजी कंपनी को 24,000 एकड़ भूमि आवंटित करने का आरोप है.

जिस "वान्पिक" कंपनी को ये भूमि दी गई उसके कर्ताधर्ता निम्मागड्डा प्रसाद ने बाद में जगन की कंपनियों में 1250 करोड़ रुपये का निवेश किया.

प्रसाद आंध्र प्रदेश के सबसे प्रमुख उद्योगपतियों में से एक हैं और अब वो भी इसी जेल में बंद हैं.

इसी केस में एक वरिष्ठ अधिकारी विवेकानंदा रेड्डी भी इस जेल में हैं. उन पर भी जगन को फ़ायदा पहुंचाने वाले फैसले लेने का आरोप है.

वीआईपी कैदी

कच्चे लोहे के अवैध खनन और निर्यात के आरोप में सीबीआई ने कर्नाटक की भाजपा सरकार के पर्यटन मंत्री और बड़े उद्योगपति गाली जनार्दन रेड्डी को ठीक एक वर्ष पहले चार सितंबर को गिरफ्तार किया था.

पिछले महीने तक वो इसी जेल में थे. फिर उन्हें ज़मानत मिल गई और किसी अन्य मामले में उन्हें बैंगलोर की जेल में भेज दिया गया.

लेकिन उनसे जुड़े मामले में इस समय दो आईएएस अधिकारी - एक महिला वाई श्रीलक्ष्मी और वी डी राजगोपाल चंचलगुड़ा जेल में ही हैं.

इन पर अवैध तरीक़े से जनार्दन रेड्डी की कंपनी को अनंतपुर ज़िले में कच्चे लोहे के खनन और निर्यात की अनुमति देने का आरोप है.

जज और पूर्व जज भी

जनार्दन रेड्डी को ज़मानत पर छोड़ने की कवायद में न्यायपालिका से जुड़े कई बड़े लोग भी फंस गए हैं और वो भी इसी जेल में रखे गए हैं.

सीबीआई अदालत में गाली को ज़मानत देने वाले जज पट्टाभि रामा राव पर इसके लिए पांच करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है.

गाली जनार्दन रेड्डी कई महीने तक इस जेल में रहे.

इस मामले में बिचौलिए की भूमिका अदा करने पर एक पूर्व जज चलपति राव और पट्टाभि रामा राव के बेटे रविचंद को भी इसी जेल में रखा गया है.

उनके अलावा दो और जजों लक्ष्मी नरसिम्हा राव और डी प्रभाकर राव को भी गाली जनार्दन रेड्डी की सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार कर यहीं रखा गया है.

मामला यहीं ख़त्म नहीं होता, गाली जनार्दन रेड्डी की ज़मानत के लिए रिश्वत के पैसों का प्रबंध करने के आरोप में कर्नाटक के दो बीजेपी विधायक भी इसी जेल में हैं.

जेल में मौज?

जेल में तलाशी के दौरान अधिकारियों को गाली सोमशेखर रेड्डी के पास से 15,000 रूपए की राशि मिली है. रेड्डी का कहना है कि ये पैसे उनके परिवारवालों ने भगवान को प्रसाद चढ़ाने के लिए उन तक पहुंचाए थे.

जेल में किसी क़ैदी को इतना पैसा रखने की इजाज़त नहीं होती. इसलिए अब अधिकारियों ने उनके सेल से बाहर निकलने और जेल की कैन्टीन से कुछ खरीदने पर रोक लगा दी है.

आरोप भले ही कुछ भी हों, इन वीआईपी लोगों के वकीलों ने उन्हें अदालत से विशेष कैदी का दर्जा दिलवाया है जिसके चलते वो अलग कमरों में मनपसंद खाना बनवाने की सुविधा सहित रहते हैं, मानो अपने घर में हों. केवल उन्हें जेल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है.

हालांकि इन क़ैदियों को ज़्यादा सुविधाएं और मनमानी करने की छूट देने के आरोपों के सामने आने पर राज्य सरकार ने चंचलगुड़ा जेल के मुख्य अधिकारी केशव नायडू और उनके उप-अधिकारी के वेंकटेश्वर रेड्डी का तबादला कर दिया है.

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